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19-06-2026

शेयर बाजार में लगातार पांचवें दिन तेजी, सेंसेक्स 254 अंक चढ़ा

  •  भू-राजनीतिक मोर्चे पर सकारात्मक घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों में जारी नरमी से बाजार को समर्थन मिला और घरेलू शेयर बाजार बृहस्पतिवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स में 254 अंक और निफ्टी में 82 अंक की बढ़त दर्ज की गई। बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 254.36 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,409.98 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 77,492.33 अंक के उच्चतम और 76,953 के निचले स्तर तक गया। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक निफ्टी भी 82.30 अंक यानी 0.34 प्रतिशत चढक़र 24,168 अंक पर बंद हुआ। यह घरेलू शेयर बाजार में तेजी का लगातार पांचवां कारोबारी सत्र रहा। इस दौरान सेंसेक्स में कुल 3,577.43 अंक और निफ्टी में 1,006.4 अंक की बढ़त दर्ज की गई है। बृहस्पतिवार को सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), ट्रेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एनटीपीसी, भारतीय स्टेट बैंक और एचडीएफसी बैंक प्रमुख रूप से बढ़त में रहीं।  दूसरी तरफ, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, मारुति और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के शेयरों में गिरावट रही। पश्चिम एशिया में तनाव थमने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 2.23 प्रतिशत गिरकर 77.78 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में ईरान के साथ शांति स्थापना के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इससे तीन महीने से अधिक समय से जारी युद्ध समाप्त होने की उम्मीद बनी है। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि अमेरिका-ईरान शांति समझौते से शुरुआती उत्साह बना, लेकिन अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख को देखते हुए निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। नायर ने कहा, ‘‘ऊर्जा कीमतों से जुड़ा मुद्रास्फीतिक दबाव चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में केंद्रीय बैंकों को ब्याज दरें बढ़ाने पर विचार करने के लिए प्रेरित कर सकता है। हालांकि, कच्चे तेल में लगातार गिरावट और भारतीय बॉन्ड प्रतिफल में नरमी से वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही में मुद्रास्फीति संबंधी चिंताएं कम हो सकती हैं।’’ एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट में रहे। यूरोपीय बाजार दोपहर के सत्र में मिश्रित रुख के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 101.59 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की। इससे पहले बुधवार को सेंसेक्स 347.14 अंक चढक़र 77,155.62 अंक और निफ्टी 96.55 अंक बढक़र 24,085.70 अंक पर बंद हुआ था।

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शेयर बाजार में लगातार पांचवें दिन तेजी, सेंसेक्स 254 अंक चढ़ा

 भू-राजनीतिक मोर्चे पर सकारात्मक घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों में जारी नरमी से बाजार को समर्थन मिला और घरेलू शेयर बाजार बृहस्पतिवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स में 254 अंक और निफ्टी में 82 अंक की बढ़त दर्ज की गई। बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 254.36 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,409.98 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 77,492.33 अंक के उच्चतम और 76,953 के निचले स्तर तक गया। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक निफ्टी भी 82.30 अंक यानी 0.34 प्रतिशत चढक़र 24,168 अंक पर बंद हुआ। यह घरेलू शेयर बाजार में तेजी का लगातार पांचवां कारोबारी सत्र रहा। इस दौरान सेंसेक्स में कुल 3,577.43 अंक और निफ्टी में 1,006.4 अंक की बढ़त दर्ज की गई है। बृहस्पतिवार को सेंसेक्स के समूह में शामिल कंपनियों में से इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), ट्रेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एनटीपीसी, भारतीय स्टेट बैंक और एचडीएफसी बैंक प्रमुख रूप से बढ़त में रहीं।  दूसरी तरफ, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, मारुति और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के शेयरों में गिरावट रही। पश्चिम एशिया में तनाव थमने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 2.23 प्रतिशत गिरकर 77.78 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में ईरान के साथ शांति स्थापना के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इससे तीन महीने से अधिक समय से जारी युद्ध समाप्त होने की उम्मीद बनी है। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि अमेरिका-ईरान शांति समझौते से शुरुआती उत्साह बना, लेकिन अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख को देखते हुए निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। नायर ने कहा, ‘‘ऊर्जा कीमतों से जुड़ा मुद्रास्फीतिक दबाव चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में केंद्रीय बैंकों को ब्याज दरें बढ़ाने पर विचार करने के लिए प्रेरित कर सकता है। हालांकि, कच्चे तेल में लगातार गिरावट और भारतीय बॉन्ड प्रतिफल में नरमी से वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही में मुद्रास्फीति संबंधी चिंताएं कम हो सकती हैं।’’ एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट में रहे। यूरोपीय बाजार दोपहर के सत्र में मिश्रित रुख के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 101.59 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की। इससे पहले बुधवार को सेंसेक्स 347.14 अंक चढक़र 77,155.62 अंक और निफ्टी 96.55 अंक बढक़र 24,085.70 अंक पर बंद हुआ था।


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