गर्मियां चालू होने के कारण बीते कुछ समय से बड़ी इलायची की बिक्री सामान्य से कमजोर ही बनी हुई है। इसकी वजह से इसमें मंदी भी आई है। आने वाले दिनों में हाजिर में बड़ी इलायची में सुस्ती बनी रह सकती है।गर्मियों का सीजन चल रहा है। इसके अलावा होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के कारण मध्य-पूर्व के देशों की मांग भी नहीं निकल रही है। यही वजह है कि पिछले कुछ समय से बड़ी इलायची की कामकाजी गतिविधियां सामान्य की अपेक्षा सुस्त बनी हुई हैं। इसके अलावा इसकी आपूर्ति में भी सुधार दर्ज किया गया है। असम से आपूर्ति बढ़ी है। दूसरी ओर, नेपाल में बड़ी इलायची की आवक सामान्य से कमजोर बनी होने के कारण वहां से इसका आयात कमजोर बना हुआ है। इसकी वजह से नेपाल से आयात पड़ता करीब 1600 रुपए प्रति किलोग्राम के आसपास बताया जा रहा है। इधर देश में, बिक्री कमजोर बनी होने से हाल ही में बड़ी इलायची कैंचीकट हाल ही में 20 रुपए मंदी होकर 1530/1540 रुपए प्रति किलोग्राम पर बनी हुई है। इससे पूर्व हाल ही में इसमें इतनी ही वृद्धि हुई थी। 4 जून को हुई अभी तक की अंतिम नीलामी में इसकी औसत नीलामी कीमत थोड़ी बढक़र 1350/1625 रुपए प्रति किलोग्राम पर बनी होने की सूचना मिली थी। नवीनतम सुस्ती का प्रमुख कारण यह है कि वहां इसका स्टॉक मजबूत हाथों में है। इस सीजन में फसल के विकास के समय मौसम प्रतिकूल बना रहा था। पहली फसल के बाद दूसरी फसल भी करीब-करीब पिछले सीजन के आसपास ही आने का अनुमान व्यक्त किया जा रहा है। भारत की तरह ही नेपाल में भी बड़ी इलायची की फसल को भारी नुकसान हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार नेपाल में इन दिनों बड़ी इलायची की आवक सामान्य से काफी कम हो रही है। भविष्य में वहां से आयात पड़ता बढऩे की उम्मीद भी जताई जा रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में देश से कुल 315.92 करोड़ रुपए कीमत की 1753 टन बड़ी इलायची का निर्यात हुआ है। एक वर्ष पूर्व की आलोच्य अवधि में इसकी 1368 टन मात्रा का निर्यात हुआ था और इससे 229.44 करोड़ रुपए की आय हुई थी। आगामी दिनों में बड़ी इलायची में सुस्ती जारी रह सकती है।