उत्कल स्पेशियलिटी इंडस्ट्रीज का एसएमई आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 10 जून 2026 को ओपन हो चुका है जिसके तहत कंपनी 62-66 रुपये के प्राइस-बेंड पर शेयर इश्यू कर कुल 35 करोड़ रुपए जुटाना चाहती है। पेपर-बेस्ड प्रोडक्ट्स का बिजनस करने वाली यह कंपनी आईपीओ फंड्स में से 5.31 करोड़ रुपए का यूज वर्किंग कैपिटल के लिए, 11 करोड़ रुपये का यूज डेब्ट रीपेमेंट के लिए जबकि 9.6 करोड़ रुपये का यूज कैपेक्स के लिए करेगी। पिछले 2-3 वर्षों से इंडियन पेपर प्रोडक्ट्स सेक्टर खासा दबाव में चल रहा है व इस सेक्टर में अत्यधिक कंपिटिशन होने के कारण अधिकतर बड़ी व छोटी कंपनियों के रेवेन्यू व प्रोफिट मार्जिनों पर दबाव देखने को मिला है। इसके उलट टिश्यू पेपर, पेपर नैपकिन, पेपर प्लेट, आदि प्रोडक्ट्स बेचने वाली उत्कल स्पेशियलिटी इंडिस्ट्रीज लि. की रेवेन्यू 2024-25 में 44 करोड़ से बढक़र 50.28 करोड़ रुपए हो गई। यही नहीं 2022-23 की तुलना में 2024-25 में कंपनी के ओपरेटिंग प्रोफिट मार्जिन भी डबल होकर 19 प्रतिशत पर पहुंच गए। अप्रेल-दिसंबर 2024 के 9 महिनों में भी कंपनी ने 39.78 करोड़ रुपए की ओपरेटिंग रेवेन्यू पर 5.48 करोड़ रुपए का नेट प्रोफिट व 19.5 प्रतिशत का ओपरेटिंग मार्जिन रिपोर्ट किया है। इंडस्ट्री के विपरीत 2 वर्ष में कंपनी के ओपरेटिंग मार्जिनों का डबल हो जाना समझ से परे है। बेहद कंपिटिटिव सेक्टर में होने के चलते कंपनी के लिए इस तरह के प्रोफिट मार्जिनों की सस्टेनेबिलिटी पर भी संदेह होना लाजिमी है। 31 दिसंबर 2025 को कंपनी पर 17.16 करोड़ रुपए का डेब्ट बकाया था। 2025-26 के लिए 65 करोड़ रुपए की अनुमानित एनुअलाइज्ड़ रेवेन्यू पर आईपीओ के तहत कंपनी द्वारा मांगे जा रहे 129 करोड़ रुपए के मार्केट कैप के आधार पर Mkt Cap To Sales Ratio 2 गुना के करीब का आता है जबकि पेपर व पैकेजिंग सेक्टर की अधिकतर छोटी-बड़ी लिस्टेड कंपनियों के शेयर वर्तमान में 1 गुना से भी कम के Mkt Cap To Sales Ratio पर ट्रेड कर रहे हैं। ऐसे में Moatless बिजनस व Unreasonable वेल्यूएशन इस आईपीओ को इंवेस्टरों के लिए बेहद जोखिमपूर्ण बना देते हैं। कंपनी ने अपने आईपीओ को मेनेज करने के लिए कोलकाता बेस्ड मर्चेंट बैंकर Affinity Global Capital Market को मर्चेंट बैंकर के रूप में एपॉइंट किया है।