आदित्य बिड़ला समूह की प्रमुख कंपनी ग्रासिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने सोमवार को कहा कि वह कर्नाटक के हरिहर में अपनी लियोसेल क्षमता के विस्तार के लिए 3,094 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। कंपनी ने बयान में कहा कि दूसरे चरण के तहत किए जाने वाले इस निवेश का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर बढ़ती टिकाऊ एवं उच्च गुणवत्ता वाली वस्त्र सामग्री की मांग को पूरा करना है। ग्रासिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड के निदेशक मंडल की सोमवार को हुई बैठक में इस पूंजीगत व्यय को मंजूरी दी गई। यह निवेश आंतरिक संसाधनों और कर्ज के मिश्रण से वित्तपोषित किया जाएगा। लियोसेल एक अर्ध-कृत्रिम रेशा है जिसका इस्तेमाल परिधान, घरेलू वस्त्र और तकनीकी वस्त्र उत्पादों में किया जाता है। ग्रासिम इस परियोजना के तहत 110 हजार टन प्रति वर्ष की अतिरिक्त क्षमता स्थापित करेगी, जिसमें 55-55 हजार टन प्रति वर्ष क्षमता वाली दो उत्पादन लाइनें शामिल होंगी। पहली उत्पादन लाइन के 2028 तक और दूसरी लाइन के 2030 तक चालू होने की उम्मीद है। यह विस्तार हरिहर में पहले चरण की 55 हजार टन प्रति वर्ष क्षमता वाली निर्माणाधीन परियोजना के साथ जुड़ जाएगा जिसके 2027 के मध्य तक शुरू होने की संभावना है। इस विस्तार के पूरा होने पर ग्रासिम इंडस्ट्रीज की कुल क्षमता बढक़र लगभग 210 हजार टन प्रति वर्ष हो जाएगी जिससे यह दुनिया के सबसे बड़े लियोसेल उत्पादकों में शामिल हो जाएगी। आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि यह निर्णय भारत की दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने वाले उभरती क्षेत्रों में निवेश की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।