भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में शुद्ध लाभ 23 प्रतिशत बढक़र 23,420 करोड़ रुपये रहा है। देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 की समान तिमाही में 19,013 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। एलआईसी ने शेयर बाजार को दी सूचना में कहा कि समीक्षाधीन तिमाही में उसकी कुल आय बढक़र 2,53,592 करोड़ रुपये हो गई, जो 2024-25 की समान अवधि में 2,22,805 करोड़ रुपये थी। वित्त वर्ष 2025-26 की जनवरी-मार्च तिमाही में कंपनी की पहले साल की प्रीमियम आय बढक़र 12,970 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले की समान अवधि में 11,069 करोड़ रुपये थी। समीक्षाधीन अवधि में नवीकरण प्रीमियम से आय बढक़र 81,933 करोड़ रुपये हो गई, जबकि एक साल पहले यह 79,138 करोड़ रुपये थी। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ 19 प्रतिशत बढक़र 57,419 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 48,151 करोड़ रुपये था। पूरे वित्त वर्ष के दौरान कंपनी की कुल आय बढक़र 9,73,288 करोड़ रुपये रही, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में 8,84,148 करोड़ रुपये थी। कंपनी के निदेशक मंडल ने 2025-26 के लिए 10 रुपये अंकित मूल्य वाले प्रत्येक शेयर पर 10 रुपये के अंतिम लाभांश की सिफारिश की है। यह शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन होगा। एलआईसी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक आर दुरईस्वामी ने कहा कि माल एवं सेवा कर ( जीएसटी) में कमी से व्यवसाय को बढ़ावा मिला है। उन्होंने बताया कि बैंकिंग और वैकल्पिक चैनल के माध्यम से प्रीमियम संग्रह में 45 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है और इन चैनल से 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रीमियम प्राप्त हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि मूल्य के आधार पर नए कारोबार में 41 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 2025-26 में एलआईसी की कुल प्रीमियम आय बढक़र 5,35,984 करोड़ रुपये हो गई, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह 4,88,148 करोड़ रुपये थी।