जीएसटी कट के बाद से ही लग रहा है ऑटो इंक ग्रोथ के साथ सही तरह से सिंक हो गई है। फाडा की लेटेस्ट रिपोर्ट के अनुसार भारत की ऑटो रिटेल सेल्स वित्त वर्ष 26 में 2.97 करोड़ यूनिट्स के रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गई। 31 मार्च को समाप्त हुए वित्त वर्ष 26 के दौरान सभी सैगमेंट मिलाकर ऑटो रिटेल सेल्स में 13.3 परसेंट की अच्छी ग्रोथ हुई। फाडा के अनुसार 2.97 करोड़ यूनिट्स की रिटेल सेल्स ऑलटाइम हाई लेवल है और इंडस्ट्री पहली बार 3 करोड़ यूनिट के करीब पहुंची है। इस शानदार प्रदर्शन में मार्च 2026 की बड़ी भूमिका रही, जो ऑटो रिटेल के इतिहास का सबसे मजबूत महीना साबित हुआ। इस दौरान रिटेल सेल्स 25.3' बढक़र लगभग 27 लाख यूनिट तक पहुंच गई। यानी साल की ओपनिंग भले ही कमजोर रही हो लेकिन स्लॉग ओवर खासकर अक्टूबर से मार्च में हुई तेज रिकवरी से वित्त वर्ष की फिनिशिंग बहुत अच्छी रही। इसमें भी पॉजिटिव यह कि रूरल इंडिया की परफॉर्मेन्स अर्बन इंडिया से बेहतर रही। वित्त वर्ष 26 की सबसे बड़ी कहानी टू-व्हीलर सेगमेंट में फास्ट रिकवरी रही। इस सेगमेंट ने प्री-कोविड लेवल को पार कर लिया। टू-व्हीलर सेल्स 13.4' बढक़र 2.14 करोड़ यूनिट से ज्यादा हो गई। रिपोर्ट के अनुसार इसका बड़ा कारण एंट्री लेवल में अच्छे विकल्प, फाइनेंसिंग में सुधार और रूरल डिमांड में तेज को माना जा सकता है। वित्त वर्ष 26 के आखिरी महीने मार्च में टू-व्हीलर की रिटेल सेल्स लगभग 29 परसेंट उछली। वित्त वर्ष 26 के दौरान पैसेंजर वेहीकल सेगमेंट ने भी नया रिकॉर्ड बनाते हुए ऑल टाइम हाई 47 लाख यूनिट का लेवल पार कर लिया। इस सेगमेंट में भी रूरल डिमांड ने अर्बन मार्केट्स को पीछे छोड़ दिया। फाडा के अनुसार, वित्त वर्ष 26 में पीवी की रिटेल सेल्स 47,05,056 यूनिट्स रही। मार्च 2026 में यह 21.48 परसेंट ग्रोथ के साथ 4,40,144 यूनिट्स तक पहुंच गई। फाडा के प्रेसिडेंट सी. एस. विग्नेश्वर के अनुसार एफवाई26 भारतीय ऑटो रिटेल के लिए एक लैंडमार्क वर्ष रहा। मार्च की मजबूत ग्रोथ का बड़ा कारण वास्तविक ग्राहक मांग (जेनुइन रिटेल डिमांड) रहा। यह ग्रोथ सिर्फ डीलर चैनल पुश की वजह से नहीं, बल्कि बेहतर इन्क्वायरी कन्वर्जन, शोरूम विजिट और बेहतरीन कस्टमर कनेक्ट का नतीजा रही। मार्च में रूरल मार्केट्स में पीवी रिटेल 26.48' बढ़ी, जबकि अर्बन मार्केट्स में 18.46' की ग्रोथ हुई। फाडा के अनुसार पीवी इन्वेंटरी लेवल घटकर मार्च तक लगभग 28 दिन रह गया, जो एक साल पहले 50 दिन से ज्यादा था। वित्त वर्ष26 में सीएनजी वेहीकल्स का शेयर 21.98' जबकि ईवी का 4.25 परसेंट रहा। मार्च में तो ईवी का शेयर और बढक़र 5.11 परसेंट हो गया। कमर्शियल वेहीकल (सीवी) सेगमेंट वित्त वर्ष26 में रिटेल सेल्स 11.74 परसेंट बढक़र 10,60,906 यूनिट रहा, जो एफवाई19 के बाद पहली बार 10 लाख यूनिट के पार पहुंची है। मार्च में सीवी रिटेल 15.12 परसेंट बढक़र 1,02,536 यूनिट रही।
