1.5 लाख करोड डॉलर यानी करीब 140 लाख करोड़ रुपये। अमेरिका के प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने 2027 बजट में डिफेंस बजट को बढ़ाकर 1.5 ट्रिलियन डॉलर करने का प्रस्ताव रखा है। यह मांग ऐसे समय आई है जब खाड़ी में छिड़ा युद्ध अपने छठे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। कांग्रेस के सामने पेश इस बजट में पेंटागन के लिए प्रस्तावित यह बढ़ोतरी वर्तमान वित्तीय वर्ष के खर्च से लगभग 44 परसेंट अधिक होगी। 1.5 ट्रिलियन डॉलर की यह वित्तीय वर्ष 2026 की तुलना में करीब 455 बिलियन डॉलर अधिक है। यह उस 200 बिलियन डॉलर के आपातकालीन फंड से अलग है, जिसे ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के समर्थन के लिए मांगा था। इस फंड का उपयोग गोल्डन डोम मिसाइल डिफेंस सिस्टम, क्रिटिकल मीनरल्स में इनवेस्टमेंट, अमेरिकी जहाज निर्माण को बढ़ावा देने और सैनिकों के वेतन बढ़ाने के लिए किया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, पेंटागन के लिए मांगी गई यह राशि अमेरिका के जीडीपी का लगभग 4.5 परसेंट होगी और 1950-53 के कोरियाई युद्ध के बाद से रक्षा खर्च में यह सबसे बड़ी सालाना वृद्धि हो सकती है। रक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 2025-26 में 2.03 ट्रिलियन डॉलर का बजट विभिन्न सैन्य एजेंसियों जैसे नेवी, मरीन कोर, एयर फोर्स, आर्मी और अन्य सुरक्षा बलों में बांटा गया था। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टिट्यूट के अनुसार, यह 2000 में लगभग 320 बिलियन डॉलर से बढक़र 2024 में 997 बिलियन डॉलर हो गया। 2024 में अमेरिका का सैन्य खर्च 968 बिलियन डॉलर था, जबकि चीन 317 बिलियन डॉलर और रूस 150 बिलियन डॉलर पर रहे। जर्मनी, भारत और सऊदी अरब क्रमश: 86, 83 और 79 बिलियन डॉलर के साथ इसके बाद आते हैं।