फाइनेंशियल ईयर की शुरूआत हो रही है लेकिन सिर मुंडाते ही ओले पडऩे वाली स्थित बन रही है। वह ऐसे कि पश्चिम एशिया के संकट का असर देश की हॉस्पीटेलिटी इंडस्ट्री पर आ गया है। कुछ ब्राण्ड्स के लग्जरी होटलों की बुकिंग 30 प्रतिशत डाउन है। अपे्रल के लिये एडवांस होटल बुकिंग पर यह असर आने लगा है। दिल्ली, मुम्बई और लीजर डेस्टीनेशंस में 50-55 प्रतिशत गेस्ट विदेशी होते हैं। जंग का असर है कि एयर कनेक्टिविटी प्रभावित है, अनिश्चितता की स्थितियां बन रही है, ऐसे में मार्च-अपे्रल के दौरान काफी कैंसीलेशंस भी देखने को मिल रहे हैं। हमारे देश में भी समर सीजन शुरू हो गया है। यह सीजन वर्ष में पीक ट्रैवलिंग हो होता है। ली मैरिडियन, नई दिल्ली के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर के अनुसार एडवांस बुकिंग्स करीब 30 प्रतिशत कम है। 65 प्रतिशत गेस्ट विदेशी होते हैं, जिनकी संख्या बेहतर कम है। दूसरा इवेंट्स, कॉन्फे्रंस कैंसल हो रहे हैं। एयर फेयर बढ़ गये हैं और एयर कनेक्टिविटी स्लो है, असर होटल रूम ऑक्यूपेंसी पर आ रहा है। उनके अनुसार अमेरिकन और यूरोपीय गेस्ट की संख्या बेहद कम हो गई है। मिडिल ईस्ट रूट से उड़ानों की आवाजाही प्रभावित है, इसका असर इंटरनेशनल ट्यूरिज्म पर नजर आ रहा है। रैडीसन होटल गु्रप भी करीब आठ प्रतिशत कम ऑक्यूपेंसी प्रदर्शित कर रही है। दिल्ली एनसीआर, मुम्बई, बैंगलुरु, हैदराबाद में सबसे ज्यादा असर नजर आ रहा है। रैडीसन होटल गु्रप के मैनेजिंग डायरेक्टर के अनुसार ग्लोबल कॉर्पोरेट डिमांड काफी कम है। अपे्रल माह काफी प्रभावित रह सकता है क्योंकि कॉर्पोरेट ट्रैवल सेंटीमेंट कम है। विश्व की स्थितियां ऐसी हैं कि व्यक्ति अपने घर से निकलना नहीं चाह रहा है। मई-जून में सम्भव है कि समर लीजर डिमांड से पूर्ति हो पाये। रॉयल आर्किड होटल्स के पे्रसीडेंट के अनुसार अपे्रल में पांच से आठ प्रतिशत की कमजोर डिमांड हो सकती है। लैमन ट्री होटल्स के पे्रसीडेंट के अनुसार एडवांस बुकिंग के लिहाज से अपे्रल में डिमांड कम है। अभी तक डोमेस्टिक बुकिंग्स पर असर नहीं है। उदयपुर जैसा लीजर डेस्टीनेशन जो कि विदेशी पर्यटकों के बीच बेहतर लोकप्रिय है, यहां पर एडवांस बुकिंग काफी कम है।