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10-06-2026

कालीमिर्च : सीमित उतार-चढ़ाव बना रहने के आसार

  •  केरल में 4 जून को ही मानसून पहुंच गया था। इसके बाद से राज्य के विभिन्न हिस्सों में अच्छी वर्षा होने की खबरें आ रही हैं। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। जुलाई में श्रीलंका से आयातित माल भी देश में पहुंचना शुरू होने के अनुमान हैं। इससे आने वाले सामय में कालीमिर्च में सीमित उतार-चढ़ाव बना रहने के आसार हैं। कालीमिर्च की तेजी-मंदी के सम्बन्ध में नवीनतम जानकारियां मिलती रहती हैं और उन्हें इससे लाभ भी होता है। बीते 4 जून को केरल में मानसून पहुंच गया था। इसके बाद से राज्य के विभिन्न हिस्सों में अच्छी मानसूनी वर्षा होने की रिपोर्ट भी आ रही हैं। उधर, 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल का हमला होने के बाद से लगातार तनाव बना हुआ है। इससे यहां कालीमिर्च की बिक्री सुस्त ही बनी हुई है। केरल में करीब पांच-साढ़े पांच महीने पूर्व कालीमिर्च की नई फसल शुरू हुई थी। तब से ही किसान अपनी इस फसल की बिक्री सीमित मात्रा में कर रहे हैं क्योंकि उन्हें इसकी कीमत अपनी आकर्षक नहीं लग रही हैं। किसानों की बिकवाली सुस्त बनी होने के बाद भी पिछले कुछ समय से इसकी बिक्री सुस्त ही बनी हुई है। अभी राज्य की कोच्चि जैसी बड़ी मंडिय़ों में इस प्रमुख किराना जिंस की आवक नगण्य हो रही है। इसी वजह से कोच्चि में कालीमिर्च हाल ही में 10 रुपए तेज होकर फिलहाल 715/725 रुपए प्रति किलोग्राम पर बनी हुई है। इस बार देश में कालीमिर्च के उत्पादन में करीब एक चौथाई की कमी आने की आशंका व्यक्त की जा रही है। उधर, हाल ही के वर्षों में केरल में कालीमिर्च के व्यापार में उल्लेखनीय बदलाव हुआ है। राज्य के कालीमिर्च किसान सीधे ही खपतकर्ता राज्यों को इस प्रमुख किराना जिंस की आपूर्ति कर रहे हैं। आपूर्ति और उपलब्धता सामान्य से तंग होने और लिवाली बढऩे यहां स्थित थोक किराना बाजार में कालीमिर्च मरकरा 5 रुपए सुधरकर फिलहाल 770-780 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई हैं। इससे पूर्व इसमें 10 रुपए की तेजी आई थी। मसाला बोर्ड के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार हाल ही में समाप्त हुए वित्त वर्ष 2025-26 में देश से कुल 1217.12 करोड़ रुपए कीमत की 19,806 टन कालीमिर्च का निर्यात हुआ है। एक वर्ष पूर्व की आलोच्य अवधि में इसकी 20,830 टन मात्रा का निर्यात हुआ था और इससे 1055 करोड़ रुपए की आय हुई थी। अगले करीब एक-डेढ़ महीनों में देश में श्रीलंका से आयातित मालों का पहुंचना शुरू होने का अनुमान है। अत: आगामी दिनों में कालीमिर्च में सीमित उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

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कालीमिर्च : सीमित उतार-चढ़ाव बना रहने के आसार

 केरल में 4 जून को ही मानसून पहुंच गया था। इसके बाद से राज्य के विभिन्न हिस्सों में अच्छी वर्षा होने की खबरें आ रही हैं। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। जुलाई में श्रीलंका से आयातित माल भी देश में पहुंचना शुरू होने के अनुमान हैं। इससे आने वाले सामय में कालीमिर्च में सीमित उतार-चढ़ाव बना रहने के आसार हैं। कालीमिर्च की तेजी-मंदी के सम्बन्ध में नवीनतम जानकारियां मिलती रहती हैं और उन्हें इससे लाभ भी होता है। बीते 4 जून को केरल में मानसून पहुंच गया था। इसके बाद से राज्य के विभिन्न हिस्सों में अच्छी मानसूनी वर्षा होने की रिपोर्ट भी आ रही हैं। उधर, 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका-इजरायल का हमला होने के बाद से लगातार तनाव बना हुआ है। इससे यहां कालीमिर्च की बिक्री सुस्त ही बनी हुई है। केरल में करीब पांच-साढ़े पांच महीने पूर्व कालीमिर्च की नई फसल शुरू हुई थी। तब से ही किसान अपनी इस फसल की बिक्री सीमित मात्रा में कर रहे हैं क्योंकि उन्हें इसकी कीमत अपनी आकर्षक नहीं लग रही हैं। किसानों की बिकवाली सुस्त बनी होने के बाद भी पिछले कुछ समय से इसकी बिक्री सुस्त ही बनी हुई है। अभी राज्य की कोच्चि जैसी बड़ी मंडिय़ों में इस प्रमुख किराना जिंस की आवक नगण्य हो रही है। इसी वजह से कोच्चि में कालीमिर्च हाल ही में 10 रुपए तेज होकर फिलहाल 715/725 रुपए प्रति किलोग्राम पर बनी हुई है। इस बार देश में कालीमिर्च के उत्पादन में करीब एक चौथाई की कमी आने की आशंका व्यक्त की जा रही है। उधर, हाल ही के वर्षों में केरल में कालीमिर्च के व्यापार में उल्लेखनीय बदलाव हुआ है। राज्य के कालीमिर्च किसान सीधे ही खपतकर्ता राज्यों को इस प्रमुख किराना जिंस की आपूर्ति कर रहे हैं। आपूर्ति और उपलब्धता सामान्य से तंग होने और लिवाली बढऩे यहां स्थित थोक किराना बाजार में कालीमिर्च मरकरा 5 रुपए सुधरकर फिलहाल 770-780 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई हैं। इससे पूर्व इसमें 10 रुपए की तेजी आई थी। मसाला बोर्ड के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार हाल ही में समाप्त हुए वित्त वर्ष 2025-26 में देश से कुल 1217.12 करोड़ रुपए कीमत की 19,806 टन कालीमिर्च का निर्यात हुआ है। एक वर्ष पूर्व की आलोच्य अवधि में इसकी 20,830 टन मात्रा का निर्यात हुआ था और इससे 1055 करोड़ रुपए की आय हुई थी। अगले करीब एक-डेढ़ महीनों में देश में श्रीलंका से आयातित मालों का पहुंचना शुरू होने का अनुमान है। अत: आगामी दिनों में कालीमिर्च में सीमित उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।


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