इस बार भारत उन टॉप 12 सोर्स मार्केट्स में शामिल होगा, जो अमेरिका की सबसे कम यात्रा करेंगे। अमेरिका का अनुमान है कि सबसे कम इंटरनेशनल विजिटर्स भारत से ही आने का अनुमान है। यूएस कॉमर्स डिपार्टमेंट नेशनल ट्रेवल एंड ट्यूरिज्म ऑफिस 2026 के अनुमानों के अनुसार सात करोड़ इंटरनेशनल विजिटर्स आने का अनुमान हैं और यह गत वर्ष के 6.8 करोड़ से करीब 3.2 प्रतिशत अधिक है। सबसे कम विजिटर्स भारत और फ्रांस से आने की सम्भावना है। वर्ष 2025 में भारत अमेरिका के लिये चौथा बड़ा सोर्स मार्केट रहा था। भारत के अलावा मैक्सिको, कनाडा और ब्रिटेन पहले तीन स्थानों पर रहे थे। चालू वर्ष में जापान और ब्राजील भारत का स्थान ले सकते हैं। ऐसा अनुमान है कि भारत से करीब 4.1 प्रतिशत अराइवल्स कम रहेंगे। वर्ष 2027 में ग्रोथ फिर से आ सकती है। चालू वर्ष में चीन से अराइवल्स 3.5 प्रतिशत ज्यादा रह सकते हैं। इस समय पश्चिमी एशिया संकट के कारण विश्व की जो स्थिति है, उसमें पर्यटकों की संख्या कम रहे तो चौंकने वाली बात नहीं है। कनेक्टिविटी, सुरक्षा आदि मसले हैं, जो विजिटर्स का रास्ता बाधित कर रहे हैं। वैसे भारत अमेरिका के लिये टॉप सोर्स मार्केट्स में है लेकिन फिलहाल की स्थितियां यानि सेंटीमेंट नकारात्मक बने हुए हैं। यह अनुमान चौंकाने वाले नहीं हैं क्योंकि कुछ समय से इन्डियन विजिटर्स समस्याओं का सामने आ रहे हैं। जैसे कि वीजा की समस्या विशेष रूप से स्टूडेंट्स के लिये, एयर कनेक्टिविटी की समस्या भी है। एयर इन्डिया ने अमेरिका के लिये अनेक उड़ानों को बंद किया है। पश्चिम एशिया युद्ध के बाद एयर फेयर भी काफी ज्यादा बढ़े हुए हैं। एक ट्रेवल एजेंट के अनुसार ओवरऑल अमेरिका और कनाडा के लिये इन्डियन अराइवल्स कम हुए हैं।