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Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi

20-05-2026

ऑनलाइन की दुनिया में कैसे सिक्योर रहेंगे बच्चे

  •  आजकल बच्चे स्कूल से लेकर मनोरंजन तक हर काम के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं, उनका ऑनलाइन समय भी बढ़ता जाता है। इंटरनेट पर दोस्तों से जुडऩा, नई चीजें सीखना और रुचियां पूरा करना बहुत अच्छा है, लेकिन इसमें कई जोखिम भी हैं। माता-पिता के लिए यह जरूरी है कि वे बच्चों के ऑनलाइन अनुभवों को सुरक्षित और सकारात्मक बनाएं। यूनाइटेड नेशंस इंटरनेशनल चिल्ड्रेंस इमरजेंसी फंड (यूनिसेफ) 5 ऐसे आसान तरीकों के बारे में सुझाव देता है जो बच्चों को ऑनलाइन खतरे से बचा सकते हैं और उन्हें हेल्दी डिजिटल लाइफ जीने में मदद कर सकते हैं।

    स्पष्ट नियम तय करें :-
    बच्चों से खुलकर बात करें कि वे ऑनलाइन किससे बात करते हैं, क्या शेयर करते हैं और कौन उनकी पोस्ट देख सकता है। उन्हें समझाएं कि जो भी ऑनलाइन जाता है - फोटो, वीडियो या कमेंट वह हमेशा के लिए एक डिजिटल फुटप्रिंट छोड़ जाता है। बच्चों को सिखाएं कि भेदभावपूर्ण, अपमानजनक या दूसरों को दुख पहुंचाने वाली बातें कभी न करें। अगर बच्चे को ऑनलाइन कोई परेशानी, डर या असहजता महसूस हो तो तुरंत माता-पिता को बताएं। साथ ही, गैजेट्स के इस्तेमाल के लिए समय, जगह और तरीके के साफ नियम बनाएं।
    सुरक्षा के लिए तकनीक का उपयोग करें :- 
    बच्चे के फोन या टैबलेट को हमेशा अपडेट रखें। प्राइवेसी सेटिंग्स ऑन रखें ताकि अनचाहे लोग जानकारी न देख सकें। वेबकैम इस्तेमाल न करने पर उसे ढककर रखें। छोटे बच्चों के लिए पेरेंटल कंट्रोल और सेफ सर्च का इस्तेमाल करें। बच्चों को अपनी निजी जानकारी जैसे नाम, फोटो, पता या स्कूल किसी को भी न बताने की सलाह दें। 
    बच्चों के साथ ऑनलाइन समय बिताएं :- 
    बच्चों के साथ ऑनलाइन बैठकर गेम खेलें, वीडियो देखें और बातचीत करें। इससे आप उनकी गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं और उन्हें गलत जानकारी, झूठी खबरों और गलत कंटेंट से बचने में मदद कर सकते हैं। उन्हें सिखाएं कि विज्ञापनों को कैसे पहचानें और नेगेटिव मैसेजिंग से कैसे दूर रहें। उम्र के अनुसार सही ऐप्स और गेम्स चुनने में उनकी मदद करें।
    खुद अच्छा उदाहरण पेश करें:-
    बच्चे माता-पिता या घर के बड़ों को देखकर सीखते हैं। इसलिए खुद भी अच्छी ऑनलाइन आदतें अपनाएं। बच्चों की फोटो-वीडियो शेयर करते समय सावधानी बरतें। उन्हें विनम्रता से बात करने, दूसरों का सम्मान करने और पॉजिटिव कमेंट्स करने के लिए प्रोत्साहित करें। अगर बच्चा ऑनलाइन किसी बात को छिपाने लगे या परेशान दिखे तो उससे खुलकर बात करें। उन्हें विश्वास दिलाएं कि कोई समस्या होने पर वह बिना डरे बताए।
    उन्हें खुद को व्यक्त करने दें:-
    इंटरनेट बच्चों के लिए क्रिएटिविटी, सीखने और अपनी बात रखने का अच्छा माध्यम है। उन्हें ऐसे प्लेटफॉम्र्स पर बढ़ावा दें जहां वे अपनी रुचि के अनुसार कुछ नया सीख सकें। ऑनलाइन एक्सरसाइज वीडियो या एक्टिव गेम्स खेलने को प्रोत्साहित करें। लेकिन याद रखें कि ऑनलाइन समय के साथ ऑफलाइन खेलकूद और पारिवारिक समय का भी अच्छा संतुलन जरूरी है। इन सबके साथ माता-पिता को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षित रखने के लिए स्कूल की डिजिटल नीतियों और स्थानीय हेल्पलाइन के बारे में भी जानकारी रखें। साइबरबुलिंग या गलत कंटेंट की शिकायत कैसे करें, यह भी सिखाएं।
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ऑनलाइन की दुनिया में कैसे सिक्योर रहेंगे बच्चे

 आजकल बच्चे स्कूल से लेकर मनोरंजन तक हर काम के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। जैसे-जैसे बच्चे बड़े होते हैं, उनका ऑनलाइन समय भी बढ़ता जाता है। इंटरनेट पर दोस्तों से जुडऩा, नई चीजें सीखना और रुचियां पूरा करना बहुत अच्छा है, लेकिन इसमें कई जोखिम भी हैं। माता-पिता के लिए यह जरूरी है कि वे बच्चों के ऑनलाइन अनुभवों को सुरक्षित और सकारात्मक बनाएं। यूनाइटेड नेशंस इंटरनेशनल चिल्ड्रेंस इमरजेंसी फंड (यूनिसेफ) 5 ऐसे आसान तरीकों के बारे में सुझाव देता है जो बच्चों को ऑनलाइन खतरे से बचा सकते हैं और उन्हें हेल्दी डिजिटल लाइफ जीने में मदद कर सकते हैं।

स्पष्ट नियम तय करें :-
बच्चों से खुलकर बात करें कि वे ऑनलाइन किससे बात करते हैं, क्या शेयर करते हैं और कौन उनकी पोस्ट देख सकता है। उन्हें समझाएं कि जो भी ऑनलाइन जाता है - फोटो, वीडियो या कमेंट वह हमेशा के लिए एक डिजिटल फुटप्रिंट छोड़ जाता है। बच्चों को सिखाएं कि भेदभावपूर्ण, अपमानजनक या दूसरों को दुख पहुंचाने वाली बातें कभी न करें। अगर बच्चे को ऑनलाइन कोई परेशानी, डर या असहजता महसूस हो तो तुरंत माता-पिता को बताएं। साथ ही, गैजेट्स के इस्तेमाल के लिए समय, जगह और तरीके के साफ नियम बनाएं।
सुरक्षा के लिए तकनीक का उपयोग करें :- 
बच्चे के फोन या टैबलेट को हमेशा अपडेट रखें। प्राइवेसी सेटिंग्स ऑन रखें ताकि अनचाहे लोग जानकारी न देख सकें। वेबकैम इस्तेमाल न करने पर उसे ढककर रखें। छोटे बच्चों के लिए पेरेंटल कंट्रोल और सेफ सर्च का इस्तेमाल करें। बच्चों को अपनी निजी जानकारी जैसे नाम, फोटो, पता या स्कूल किसी को भी न बताने की सलाह दें। 
बच्चों के साथ ऑनलाइन समय बिताएं :- 
बच्चों के साथ ऑनलाइन बैठकर गेम खेलें, वीडियो देखें और बातचीत करें। इससे आप उनकी गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं और उन्हें गलत जानकारी, झूठी खबरों और गलत कंटेंट से बचने में मदद कर सकते हैं। उन्हें सिखाएं कि विज्ञापनों को कैसे पहचानें और नेगेटिव मैसेजिंग से कैसे दूर रहें। उम्र के अनुसार सही ऐप्स और गेम्स चुनने में उनकी मदद करें।
खुद अच्छा उदाहरण पेश करें:-
बच्चे माता-पिता या घर के बड़ों को देखकर सीखते हैं। इसलिए खुद भी अच्छी ऑनलाइन आदतें अपनाएं। बच्चों की फोटो-वीडियो शेयर करते समय सावधानी बरतें। उन्हें विनम्रता से बात करने, दूसरों का सम्मान करने और पॉजिटिव कमेंट्स करने के लिए प्रोत्साहित करें। अगर बच्चा ऑनलाइन किसी बात को छिपाने लगे या परेशान दिखे तो उससे खुलकर बात करें। उन्हें विश्वास दिलाएं कि कोई समस्या होने पर वह बिना डरे बताए।
उन्हें खुद को व्यक्त करने दें:-
इंटरनेट बच्चों के लिए क्रिएटिविटी, सीखने और अपनी बात रखने का अच्छा माध्यम है। उन्हें ऐसे प्लेटफॉम्र्स पर बढ़ावा दें जहां वे अपनी रुचि के अनुसार कुछ नया सीख सकें। ऑनलाइन एक्सरसाइज वीडियो या एक्टिव गेम्स खेलने को प्रोत्साहित करें। लेकिन याद रखें कि ऑनलाइन समय के साथ ऑफलाइन खेलकूद और पारिवारिक समय का भी अच्छा संतुलन जरूरी है। इन सबके साथ माता-पिता को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षित रखने के लिए स्कूल की डिजिटल नीतियों और स्थानीय हेल्पलाइन के बारे में भी जानकारी रखें। साइबरबुलिंग या गलत कंटेंट की शिकायत कैसे करें, यह भी सिखाएं।

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