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22-04-2026

सीबीएम ब्लॉक के लिए रिलायंस, एस्सार शीर्ष बोलीदाता

  •  रिलायंस इंडस्ट्रीज लि. और एस्सार ग्रुप दो दौर की बोली में पेश किए गए 16 कोल-बेड मीथेन (सीबीएम) ब्लॉक के लिए शीर्ष बोलीदाताओं के रूप में उभरे हैं। हाइड्रोकार्बन्स महानिदेशालय (डीजीएच) की बोलीदाताओं की सूची से यह जानकारी मिली। सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल इंडिया लि. ने तीन ब्लॉक के लिए बोली लगाई, जबकि भारत की सबसे बड़ी तेल और गैस उत्पादक कंपनी ओएनजीसी ने बोली में भाग नहीं लिया। सरकार ने विशेष सीबीएम बोली दौर 2025 में भूमिगत कोयले की परतों में फंसी प्राकृतिक गैस की खोज और उत्पादन के लिए तीन क्षेत्रों की पेशकश की थी। इसके साथ 2026 के बोली दौर में 13 अन्य ब्लॉक की पेशकश की गयी।  दोनों दौर की बोली पांच मार्च को बंद हुई। कोल बेड मीथेन (सीबीएम) एक प्रकार की गैर-परंपरागत प्राकृतिक गैस (मुख्यत: मीथेन) है जो भूमिगत कोयले की परतों में फंसी होती है। इससे उत्पादित गैस का उपयोग बिजली उत्पादन, ‘हीटिंग’ और औद्योगिक उपयोग के लिए स्वच्छ ईंधन के रूप में किया जाता है। इसे वाहन चलाने के लिए सीएनजी में भी परिवर्तित किया जा सकता है और खाना पकाने के लिए घरों की रसोई में पाइपलाइन के माध्यम से पहुंचाया जा सकता है। जलने पर यह आम तौर पर कोयले की तुलना में कम कार्बन उत्सर्जन करती है। विशेष सीबीएम बोली दौर में 2025 और 2026 में पेश किए गए ब्लॉक श्रेणी दो और तीन बेसिन आते हैं। रिलायंस ने 2026 के विशेष सीबीएम बोली दौर में पेश किए गए 13 ब्लॉक में से तीन के लिए बोली लगाई, जबकि एस्सार ऑयल एंड गैस एक्सप्लोरेशन एंड प्रोडक्शन लि. (ईओजीईपीएल) ने 2026 के दौर के तीन ब्लॉक और 2025 के दौर में पेश किए गए तीन ब्लॉक में से दो के लिए बोली लगाई। डीजीएच के अनुसार, 2025 के दौर में एक ब्लॉक और 2026 के दौर में सात ब्लॉक के लिए कोई बोली नहीं लगी। 2026 के दौर के जिन छह ब्लॉक के लिए बोलियां प्राप्त हुईं, उनमें से चार एकल बोलियां थीं। 2025 के दौर के दो ब्लॉक के लिए कई बोलियां प्राप्त हुईं। छत्तीसगढ़ और ओडिशा में दो ब्लॉक (छत्तीसगढ़ के मांड-रायगढ़ कोयला क्षेत्र में एसआर-ओएनएचपी (सीबीएम)-2026/4 ब्लॉक और ओडिशा के आईबी वैली कोयला क्षेत्र में एसआर-ओएनएचपी (सीबीएम) 2026/5 ब्लॉक) के लिए रिलायंस एकमात्र बोलीदाता थी। तेलंगाना के गोदावरी वैली कोयला क्षेत्र में पीजी-ओएनएचपी (सीबीएम)-2026/5 ब्लॉक के लिए रिलायंस की सीधी प्रतिस्पर्धा ईओजीईपीएल से थी। तेलंगाना के गोदावरी वैली कोयला क्षेत्र में पीजी-ओएनएचपी (सीबीएम)-2026/3 ब्लॉक के लिए ईओजीईपीएल एकमात्र बोलीदाता थी, जबकि मध्य प्रदेश के सिंगरौली कोयला क्षेत्र में एसआर-ओएनएचपी (सीबीएम)-2026/1 सीबीएम ब्लॉक के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल) एकमात्र बोलीदाता थी। मध्य प्रदेश के सिंगरौली कोयला क्षेत्र में एक अन्य ब्लॉक के लिए ओआईएल और ईओजीईपीएल के बीच प्रतिस्पर्धा है। मध्य प्रदेश के सिंगरौली कोयला क्षेत्र में 2025 के दौर में पेश किए गए दो ब्लॉक के लिए कई बोलियां प्राप्त हुईं। ईओजीईपीएल, प्रभा एनर्जी और ऑयलमैक्स एनर्जी और एसएएस इन्फोटेक प्राइवेट लि. के समूह ने एक ब्लॉक के लिए तथा दूसरे ब्लॉक के लिए ओआईएल, ईओजीईपीएल, ऑयलमैक्स-एसएएस इन्फोटेक और इनवेनिरे पेट्रोडाइन शामिल हैं। वर्ष 2025 और 2026 के विशेष सीबीएम दौर से पहले, चार सीबीएम बोली दौर में 33 ब्लॉक आवंटित किए गए थे। हालांकि, इनमें से अधिकांश या तो छोड़ दिए गए हैं या कम संभावना के कारण छोडऩे की प्रक्रिया में हैं रिलायंस वर्तमान में मध्य प्रदेश के दो सीबीएम ब्लॉक से गैस का उत्पादन कर रही है, जबकि एस्सार रानीगंज ईस्ट और ग्रेट ईस्टर्न एनर्जी कॉरपोरेशन (जीईईसीएल) रानीगंज वेस्ट ब्लॉक (दोनों पश्चिम बंगाल में) में उत्पादन में लगी हुई हैं। सीबीएम को भारत की आयातित प्राकृतिक गैस पर निर्भरता को कम करने के एक कदम के रूप में देखा जा रहा है। इसके तहत देश के विशाल कोयला भंडार से बड़ी मात्रा में सीबीएम प्राप्त किये जाने की संभावना है। भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा गैस उपभोक्ता है, लेकिन अपनी आधी मांग आयात से पूरी करता है। इसमें तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) भी शामिल है।

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सीबीएम ब्लॉक के लिए रिलायंस, एस्सार शीर्ष बोलीदाता

 रिलायंस इंडस्ट्रीज लि. और एस्सार ग्रुप दो दौर की बोली में पेश किए गए 16 कोल-बेड मीथेन (सीबीएम) ब्लॉक के लिए शीर्ष बोलीदाताओं के रूप में उभरे हैं। हाइड्रोकार्बन्स महानिदेशालय (डीजीएच) की बोलीदाताओं की सूची से यह जानकारी मिली। सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल इंडिया लि. ने तीन ब्लॉक के लिए बोली लगाई, जबकि भारत की सबसे बड़ी तेल और गैस उत्पादक कंपनी ओएनजीसी ने बोली में भाग नहीं लिया। सरकार ने विशेष सीबीएम बोली दौर 2025 में भूमिगत कोयले की परतों में फंसी प्राकृतिक गैस की खोज और उत्पादन के लिए तीन क्षेत्रों की पेशकश की थी। इसके साथ 2026 के बोली दौर में 13 अन्य ब्लॉक की पेशकश की गयी।  दोनों दौर की बोली पांच मार्च को बंद हुई। कोल बेड मीथेन (सीबीएम) एक प्रकार की गैर-परंपरागत प्राकृतिक गैस (मुख्यत: मीथेन) है जो भूमिगत कोयले की परतों में फंसी होती है। इससे उत्पादित गैस का उपयोग बिजली उत्पादन, ‘हीटिंग’ और औद्योगिक उपयोग के लिए स्वच्छ ईंधन के रूप में किया जाता है। इसे वाहन चलाने के लिए सीएनजी में भी परिवर्तित किया जा सकता है और खाना पकाने के लिए घरों की रसोई में पाइपलाइन के माध्यम से पहुंचाया जा सकता है। जलने पर यह आम तौर पर कोयले की तुलना में कम कार्बन उत्सर्जन करती है। विशेष सीबीएम बोली दौर में 2025 और 2026 में पेश किए गए ब्लॉक श्रेणी दो और तीन बेसिन आते हैं। रिलायंस ने 2026 के विशेष सीबीएम बोली दौर में पेश किए गए 13 ब्लॉक में से तीन के लिए बोली लगाई, जबकि एस्सार ऑयल एंड गैस एक्सप्लोरेशन एंड प्रोडक्शन लि. (ईओजीईपीएल) ने 2026 के दौर के तीन ब्लॉक और 2025 के दौर में पेश किए गए तीन ब्लॉक में से दो के लिए बोली लगाई। डीजीएच के अनुसार, 2025 के दौर में एक ब्लॉक और 2026 के दौर में सात ब्लॉक के लिए कोई बोली नहीं लगी। 2026 के दौर के जिन छह ब्लॉक के लिए बोलियां प्राप्त हुईं, उनमें से चार एकल बोलियां थीं। 2025 के दौर के दो ब्लॉक के लिए कई बोलियां प्राप्त हुईं। छत्तीसगढ़ और ओडिशा में दो ब्लॉक (छत्तीसगढ़ के मांड-रायगढ़ कोयला क्षेत्र में एसआर-ओएनएचपी (सीबीएम)-2026/4 ब्लॉक और ओडिशा के आईबी वैली कोयला क्षेत्र में एसआर-ओएनएचपी (सीबीएम) 2026/5 ब्लॉक) के लिए रिलायंस एकमात्र बोलीदाता थी। तेलंगाना के गोदावरी वैली कोयला क्षेत्र में पीजी-ओएनएचपी (सीबीएम)-2026/5 ब्लॉक के लिए रिलायंस की सीधी प्रतिस्पर्धा ईओजीईपीएल से थी। तेलंगाना के गोदावरी वैली कोयला क्षेत्र में पीजी-ओएनएचपी (सीबीएम)-2026/3 ब्लॉक के लिए ईओजीईपीएल एकमात्र बोलीदाता थी, जबकि मध्य प्रदेश के सिंगरौली कोयला क्षेत्र में एसआर-ओएनएचपी (सीबीएम)-2026/1 सीबीएम ब्लॉक के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल) एकमात्र बोलीदाता थी। मध्य प्रदेश के सिंगरौली कोयला क्षेत्र में एक अन्य ब्लॉक के लिए ओआईएल और ईओजीईपीएल के बीच प्रतिस्पर्धा है। मध्य प्रदेश के सिंगरौली कोयला क्षेत्र में 2025 के दौर में पेश किए गए दो ब्लॉक के लिए कई बोलियां प्राप्त हुईं। ईओजीईपीएल, प्रभा एनर्जी और ऑयलमैक्स एनर्जी और एसएएस इन्फोटेक प्राइवेट लि. के समूह ने एक ब्लॉक के लिए तथा दूसरे ब्लॉक के लिए ओआईएल, ईओजीईपीएल, ऑयलमैक्स-एसएएस इन्फोटेक और इनवेनिरे पेट्रोडाइन शामिल हैं। वर्ष 2025 और 2026 के विशेष सीबीएम दौर से पहले, चार सीबीएम बोली दौर में 33 ब्लॉक आवंटित किए गए थे। हालांकि, इनमें से अधिकांश या तो छोड़ दिए गए हैं या कम संभावना के कारण छोडऩे की प्रक्रिया में हैं रिलायंस वर्तमान में मध्य प्रदेश के दो सीबीएम ब्लॉक से गैस का उत्पादन कर रही है, जबकि एस्सार रानीगंज ईस्ट और ग्रेट ईस्टर्न एनर्जी कॉरपोरेशन (जीईईसीएल) रानीगंज वेस्ट ब्लॉक (दोनों पश्चिम बंगाल में) में उत्पादन में लगी हुई हैं। सीबीएम को भारत की आयातित प्राकृतिक गैस पर निर्भरता को कम करने के एक कदम के रूप में देखा जा रहा है। इसके तहत देश के विशाल कोयला भंडार से बड़ी मात्रा में सीबीएम प्राप्त किये जाने की संभावना है। भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा गैस उपभोक्ता है, लेकिन अपनी आधी मांग आयात से पूरी करता है। इसमें तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) भी शामिल है।


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