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Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi

22-08-2025

ग्लोबल ब्यूटी की नजर इंडिया पर क्यों टिकी?

  •  जापान की शिसीडो से लेकर फ्रांस की लोरियाल तक ग्लोबल कॉस्मेटिक दिग्गज भारत के किले को फतेह करने पर दांव लगा रहे हैं। एडवांस्ड मार्केट्स के मैच्यॉर हो जाने और स्लोडाउन में उतरने के कारण कंपनियों की कोशिश भारत जैसे बड़ी आबादी और पेंटअप डिमांड वाले मार्केट को डवलप कर ग्लोबल ग्रोथ ड्राइवर के रूप में खड़ा करने की है। कंसल्टिंग फर्म कर्नी और लक्जरी ब्यूटी डिस्ट्रीब्यूटर लक्सएशिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का लक्जरी ब्यूटी मार्केट 2023 में 800 मिलियन डॉलर से बढक़र 2035 तक पांच गुना होकर 4 बिलियन डॉलर का हो जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार भारत का ब्यूटी और पर्सनल केयर मार्केट 21 बिलियन डॉलर  का है जिसमें लक्जरी सैगमेंट का शेयर केवल 4 परसेंट है। जबकि आसियान के देशों में यह 8 से 24 परसेंट और अमेरिका-चीन जैसे एडवांस्ड मार्केट्स में 25 से 48 परसेंट तक है। यानी इन कंपनियों को भारत में ग्रोथ का बहुत बड़ा हेडरूम नजर आ रहा है। हूलिहान लोकी के इंडिया एमडी समीर जिंदल के अनुसार भारत प्रीमियम ब्यूटी के लिए आखिरी बड़ा किला है और यहां के दरवाजे अंदर से खुलने वाले हैं। अमेरिकी ब्यूटी दिग्गज एस्टी लॉडर को भारत में बड़े मार्केट और लॉन्गटर्म ग्रोथ की उम्मीद है।  कंपनी के इंडिया हेड रोहन वजरिल्ली के अनुसार शुरुआती टार्गेट 6 करोड़ महिलाओं को ब्रांड के साथ जोडऩे का है। हालांकि एक चैलेंज है...भारत की क्लाइमेट। रिपोर्ट्स के अनुसार इन ग्लोबल दिग्गजों को भारत में अपने मार्केट को डवलप करने के लिए प्रॉडक्ट फॉर्मूला को यहां की क्लाइमेट के हिसाब से फाइनट्यून करना पड़ेगा। लेकिन ब्रांड इक्विटी का एडवांटेज भी है। भारत में फॉरेस्ट असेंशियल्स और कामा आयुर्वेद लक्जरी कैटेगरी में ऑपरेट करती हैं लेकिन इनका लक्जरी ब्यूटी सेल्स में शेयर 10 परसेंट से भी कम है। जबकि चीन, जापान और साउथ कोरिया आदि में होमग्रोन (देसी) ब्रांड्स का शेयर 40 परसेंट तक है। एस्टी लॉडर छोटे शहरों को टार्गेट कर रही है और डिजाइनर सब्यसाची मुखर्जी को पार्टनर बना रही है। कंपनी ने फॉरेस्ट असेंशियल्स में इंवेस्ट किया है और देसी ब्यूटी स्टार्टअप्स को फंडिंग दे रही है। लोरियाल भारत में इंवेस्टमेंट बढ़ाने और यंग, डिजिटल-सेवी, एम्पावर्ड वूमन को टारगेट करने के प्लान पर काम कर रही है। साउथ कोरियन कॉस्मेटिक्स दिग्गज अमोरपैसिफिक भारत में लोकप्रिय क्लेंजर, सीरम, मॉइस्चराइजर, सनस्क्रीन पर फोकस बढ़ा रही है। वहीं शिसीडो ने अपना नार्स ब्रांड नायका पर लॉन्च किया है। नायका की को-फाउंडर अद्वैता नायर के अनुसार इंडियन कस्टमर चेरी मेकअप जैसे नए ट्रेंड्स  पर खर्च कर रहे हैं।

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ग्लोबल ब्यूटी की नजर इंडिया पर क्यों टिकी?

 जापान की शिसीडो से लेकर फ्रांस की लोरियाल तक ग्लोबल कॉस्मेटिक दिग्गज भारत के किले को फतेह करने पर दांव लगा रहे हैं। एडवांस्ड मार्केट्स के मैच्यॉर हो जाने और स्लोडाउन में उतरने के कारण कंपनियों की कोशिश भारत जैसे बड़ी आबादी और पेंटअप डिमांड वाले मार्केट को डवलप कर ग्लोबल ग्रोथ ड्राइवर के रूप में खड़ा करने की है। कंसल्टिंग फर्म कर्नी और लक्जरी ब्यूटी डिस्ट्रीब्यूटर लक्सएशिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का लक्जरी ब्यूटी मार्केट 2023 में 800 मिलियन डॉलर से बढक़र 2035 तक पांच गुना होकर 4 बिलियन डॉलर का हो जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार भारत का ब्यूटी और पर्सनल केयर मार्केट 21 बिलियन डॉलर  का है जिसमें लक्जरी सैगमेंट का शेयर केवल 4 परसेंट है। जबकि आसियान के देशों में यह 8 से 24 परसेंट और अमेरिका-चीन जैसे एडवांस्ड मार्केट्स में 25 से 48 परसेंट तक है। यानी इन कंपनियों को भारत में ग्रोथ का बहुत बड़ा हेडरूम नजर आ रहा है। हूलिहान लोकी के इंडिया एमडी समीर जिंदल के अनुसार भारत प्रीमियम ब्यूटी के लिए आखिरी बड़ा किला है और यहां के दरवाजे अंदर से खुलने वाले हैं। अमेरिकी ब्यूटी दिग्गज एस्टी लॉडर को भारत में बड़े मार्केट और लॉन्गटर्म ग्रोथ की उम्मीद है।  कंपनी के इंडिया हेड रोहन वजरिल्ली के अनुसार शुरुआती टार्गेट 6 करोड़ महिलाओं को ब्रांड के साथ जोडऩे का है। हालांकि एक चैलेंज है...भारत की क्लाइमेट। रिपोर्ट्स के अनुसार इन ग्लोबल दिग्गजों को भारत में अपने मार्केट को डवलप करने के लिए प्रॉडक्ट फॉर्मूला को यहां की क्लाइमेट के हिसाब से फाइनट्यून करना पड़ेगा। लेकिन ब्रांड इक्विटी का एडवांटेज भी है। भारत में फॉरेस्ट असेंशियल्स और कामा आयुर्वेद लक्जरी कैटेगरी में ऑपरेट करती हैं लेकिन इनका लक्जरी ब्यूटी सेल्स में शेयर 10 परसेंट से भी कम है। जबकि चीन, जापान और साउथ कोरिया आदि में होमग्रोन (देसी) ब्रांड्स का शेयर 40 परसेंट तक है। एस्टी लॉडर छोटे शहरों को टार्गेट कर रही है और डिजाइनर सब्यसाची मुखर्जी को पार्टनर बना रही है। कंपनी ने फॉरेस्ट असेंशियल्स में इंवेस्ट किया है और देसी ब्यूटी स्टार्टअप्स को फंडिंग दे रही है। लोरियाल भारत में इंवेस्टमेंट बढ़ाने और यंग, डिजिटल-सेवी, एम्पावर्ड वूमन को टारगेट करने के प्लान पर काम कर रही है। साउथ कोरियन कॉस्मेटिक्स दिग्गज अमोरपैसिफिक भारत में लोकप्रिय क्लेंजर, सीरम, मॉइस्चराइजर, सनस्क्रीन पर फोकस बढ़ा रही है। वहीं शिसीडो ने अपना नार्स ब्रांड नायका पर लॉन्च किया है। नायका की को-फाउंडर अद्वैता नायर के अनुसार इंडियन कस्टमर चेरी मेकअप जैसे नए ट्रेंड्स  पर खर्च कर रहे हैं।


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