उदारीकृत प्रेषण योजना (लिबरेलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम यानी एलआरएस) के तहत कुल आउटवार्ड रेमिटेंस (बाहरी प्रेषण) वित्त वर्ष 25 में दर्ज 29.6 बिलियन डॉलर से लगभग 2' गिरकर 29 बिलियन डॉलर रह गया। आउटवार्ड रेमिटेंस में इस कमी का वीजा कड़ाई के चलते फॉरेन एजुकेशन पर होने वाला खर्च घटना है और यह पिछले वित्त वर्ष में 2.9 बिलियन डॉलर के मुकाबले 20.9' घटकर 2.3 बिलियन डॉलर रह गया। इसी तरह फॉरेन ट्रेवल पर खर्च में 3.1' की गिरावट आई है। इसके बावजूद फॉरेन ट्रेवल एलआरएस स्कीम के तहत 16.4 बिलियन डॉलर के खर्च के साथ सबसे बड़ी मद बनी हुई है। विदेश में प्रोपर्टी खरीद सबसे तेजी से बढऩे वाले सैगमेंट के रूप में उभरी। वित्त वर्ष 25 में इंडियन्स ने फॉरेन में प्रोपर्टी खरीदने पर केवल 322.8 मिलियन डॉलर खर्च किए थे जो वित्त वर्ष 26 में 63.8' के उछाल के साथ 528.7 मिलियन डॉलर तक पहुंच गए। इसी तरह, फॉरेन इक्विटी और डैट में इंवेस्टमेंट में 56.1' की मजबूत ग्रोथ दर्ज की गऐ। यह वित्त वर्ष 25 में 1.7 बिलियन डॉलर था जो वित्त वर्ष 26 में 2.7 बिलियन डॉलर हो गई।