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07-05-2026

अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति, तेल कीमतों में गिरावट से सेंसेक्स 941 अंक चढ़ा

  •  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत में प्रगति के दावे के बाद बुधवार को स्थानीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। कारोबार के अंतिम घंटे में जोरदार लिवाली से बीएसई क 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 940.73 अंक यानी 1.22 प्रतिशत की छलांग के साथ 77,958.52 अंक पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,004.99 अंक यानी 1.30 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,022.78 अंक पर पहुंच गया था। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 298.15 अंक यानी 1.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,330.95 अंक पर बंद हुआ। वैश्विक बाजारों के सकारात्मक रुख ने भी स्थानीय बाजार को समर्थन दिया। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से इंटरग्लोब एविएशन, ट्रेंट, एशियन पेंट्स, भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी बैंक और इटर्नल के शेयर लाभ में रहे। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज, लार्सन एंड टुब्रो, पावर ग्रिड और एनटीपीसी के शेयरों में गिरावट आई। ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों को सुरक्षा देने के लिए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को स्थगित कर दिया है। उन्होंने दावा किया है कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए एक समझौते की दिशा में बातचीत में प्रगति हुई है। मंगलवार को ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा, ‘‘ईरान के प्रतिनिधियों के साथ एक पूर्ण और अंतिम समझौते की दिशा में काफी प्रगति हुई है।’’ होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की वजह से फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए सोमवार को ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ शुरू किया गया था। ‘ट्रुथ सोशल’ पर ट्रंप का बयान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के इस ऐलान के कुछ घंटों बाद आया है कि 28 फरवरी को शुरू किया गया ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ खत्म हो गया है और इसके मकसद पूरे हो गए हैं। इस बीच, वैश्विक स्तर  पर ब्रेंट कच्चा तेल आठ प्रतिशत टूटकर 101.1 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। लाइवलॉन्ग वेल्थ के शोध विश्लेषक और संस्थापक हरिप्रसाद के ने कहा, ‘‘यह काफी हद तक वैश्विक कारकों की वजह से था। अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर नई उम्मीद की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई है, जिससे भारत जैसी आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्था को काफी राहत मिली है। अन्य एशियाई बाजारों में, द. कोरिया का कॉस्पी, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त के साथ बंद हुए। कॉस्पी में छह प्रतिशत से ज्यादा का उछाल आया। दोपहर के कारोबार में यूरोप के बाजार बढ़त में थे। अमेरिकी बाजार मंगलवार को सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए थे।  शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 3,621.58 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। सेंसेक्स मंगलवार को 251.61 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,017.79 अंक पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 86.50 अंक यानी 0.36 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,032.80 अंक पर रहा था।

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अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति, तेल कीमतों में गिरावट से सेंसेक्स 941 अंक चढ़ा

 अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत में प्रगति के दावे के बाद बुधवार को स्थानीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। कारोबार के अंतिम घंटे में जोरदार लिवाली से बीएसई क 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 940.73 अंक यानी 1.22 प्रतिशत की छलांग के साथ 77,958.52 अंक पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,004.99 अंक यानी 1.30 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,022.78 अंक पर पहुंच गया था। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 298.15 अंक यानी 1.24 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,330.95 अंक पर बंद हुआ। वैश्विक बाजारों के सकारात्मक रुख ने भी स्थानीय बाजार को समर्थन दिया। सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से इंटरग्लोब एविएशन, ट्रेंट, एशियन पेंट्स, भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी बैंक और इटर्नल के शेयर लाभ में रहे। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज, लार्सन एंड टुब्रो, पावर ग्रिड और एनटीपीसी के शेयरों में गिरावट आई। ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों को सुरक्षा देने के लिए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को स्थगित कर दिया है। उन्होंने दावा किया है कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए एक समझौते की दिशा में बातचीत में प्रगति हुई है। मंगलवार को ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में ट्रंप ने कहा, ‘‘ईरान के प्रतिनिधियों के साथ एक पूर्ण और अंतिम समझौते की दिशा में काफी प्रगति हुई है।’’ होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की वजह से फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए सोमवार को ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ शुरू किया गया था। ‘ट्रुथ सोशल’ पर ट्रंप का बयान अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के इस ऐलान के कुछ घंटों बाद आया है कि 28 फरवरी को शुरू किया गया ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ खत्म हो गया है और इसके मकसद पूरे हो गए हैं। इस बीच, वैश्विक स्तर  पर ब्रेंट कच्चा तेल आठ प्रतिशत टूटकर 101.1 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। लाइवलॉन्ग वेल्थ के शोध विश्लेषक और संस्थापक हरिप्रसाद के ने कहा, ‘‘यह काफी हद तक वैश्विक कारकों की वजह से था। अमेरिका-ईरान शांति समझौते को लेकर नई उम्मीद की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट आई है, जिससे भारत जैसी आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्था को काफी राहत मिली है। अन्य एशियाई बाजारों में, द. कोरिया का कॉस्पी, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त के साथ बंद हुए। कॉस्पी में छह प्रतिशत से ज्यादा का उछाल आया। दोपहर के कारोबार में यूरोप के बाजार बढ़त में थे। अमेरिकी बाजार मंगलवार को सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए थे।  शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 3,621.58 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। सेंसेक्स मंगलवार को 251.61 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,017.79 अंक पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 86.50 अंक यानी 0.36 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,032.80 अंक पर रहा था।


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