TOP

ई - पेपर Subscribe Now!

ePaper
Subscribe Now!

Download
Android Mobile App

Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi

28-05-2026

भारत के एलपीजी क्राइसिस की चपेट में अमेरिका भी

  •  भारत द्वारा एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का असर अमेरिका के केलिफॉर्निया तक दिखाई देने लगा है। भारतीय रिफाइनरियों द्वारा एलपीजी उत्पादन बढ़ाने से कैलिफोर्निया में पेट्रोल की कीमतों पर दबाव बढ़ गया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रिफाइनर प्रीमियम पेट्रोल मिश्रण में इस्तेमाल होने वाले अल्काइलेट का एक्सपोर्ट घटा रहे हैं जिससे वहां फ्यूल संकट गहरा रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सप्लाई बाधित होने के बाद भारत ने रिफाइनरी क्षमता को एलपीजी उत्पादन की ओर मोड़ दिया है। संघर्ष से पहले भारत के 90 परसेंट से अधिक एलपीजी आयात मध्य-पूर्व से आता था। भारत सरकार ने एमरजेंसी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए रिफाइनरियों को अधिकतम एलपीजी उत्पादन करने का निर्देश दिया। इसके लिए रिफाइनरों ने अल्काइलेट उत्पादन घटा दिया, जो एलपीजी फीडस्टॉक से बनने वाला उच्च गुणवत्ता वाला पेट्रोल मिश्रण घटक है। इस बदलाव का सीधा असर कैलिफोर्निया पर पड़ा है, जहां सख्त पर्यावरणीय नियमों के तहत साफ ईंधन तैयार करने के लिए अल्काइलेट बेहद महत्वपूर्ण होता है।  रिफाइनरियां कम अल्काइलेट बना और एक्सपोर्ट कर रही हैं, जिससे पहले से तंग कैलिफोर्निया पेट्रोल मार्केट पर और दबाव बढ़ रहा है। डेटा फर्म कैप्लर के डेटा के अनुसार भारत का अल्काइलेट एक्सपोर्ट अप्रैल में घटकर 33,000 बैरल प्रतिदिन रह गया, जो मार्च के 61,000 बैरल प्रतिदिन के लगभग आधे के बराबर है। यह अक्टूबर 2023 के बाद सबसे निचला स्तर है। रिलायंस इंडस्ट्रीज जो जामनगर में दुनिया का सबसे बड़ा रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स संचालित करती है, ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि वह एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के लिए अल्काइलेट उत्पादन और एक्सपोर्ट कम कर रही है। कैलिफोर्निया में पेट्रोल प्राइस पहले ही कई वर्ष के पीक लेवल पर पहुंच चुकी हैं। आंकड़ों के अनुसार, राज्य में रिटेल पेट्रोल प्राइस इस महीने बढक़र 6.16 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई जो आमतौर पर 4 डॉलर से कम रहती है। गर्मियों में डिमांड बढऩे के साथ इसमें और तेजी आ सकती है। एनेलिस्ट्स के अनुसार अल्काइलेट की सप्लाई की कमी जितनी अधिक गंभीर होगी, कैलिफोर्निया में पेट्रोल प्राइस पर उतना ही ज्यादा दबाव पड़ेगा।

Share
भारत के एलपीजी क्राइसिस की चपेट में अमेरिका भी

 भारत द्वारा एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का असर अमेरिका के केलिफॉर्निया तक दिखाई देने लगा है। भारतीय रिफाइनरियों द्वारा एलपीजी उत्पादन बढ़ाने से कैलिफोर्निया में पेट्रोल की कीमतों पर दबाव बढ़ गया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रिफाइनर प्रीमियम पेट्रोल मिश्रण में इस्तेमाल होने वाले अल्काइलेट का एक्सपोर्ट घटा रहे हैं जिससे वहां फ्यूल संकट गहरा रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सप्लाई बाधित होने के बाद भारत ने रिफाइनरी क्षमता को एलपीजी उत्पादन की ओर मोड़ दिया है। संघर्ष से पहले भारत के 90 परसेंट से अधिक एलपीजी आयात मध्य-पूर्व से आता था। भारत सरकार ने एमरजेंसी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए रिफाइनरियों को अधिकतम एलपीजी उत्पादन करने का निर्देश दिया। इसके लिए रिफाइनरों ने अल्काइलेट उत्पादन घटा दिया, जो एलपीजी फीडस्टॉक से बनने वाला उच्च गुणवत्ता वाला पेट्रोल मिश्रण घटक है। इस बदलाव का सीधा असर कैलिफोर्निया पर पड़ा है, जहां सख्त पर्यावरणीय नियमों के तहत साफ ईंधन तैयार करने के लिए अल्काइलेट बेहद महत्वपूर्ण होता है।  रिफाइनरियां कम अल्काइलेट बना और एक्सपोर्ट कर रही हैं, जिससे पहले से तंग कैलिफोर्निया पेट्रोल मार्केट पर और दबाव बढ़ रहा है। डेटा फर्म कैप्लर के डेटा के अनुसार भारत का अल्काइलेट एक्सपोर्ट अप्रैल में घटकर 33,000 बैरल प्रतिदिन रह गया, जो मार्च के 61,000 बैरल प्रतिदिन के लगभग आधे के बराबर है। यह अक्टूबर 2023 के बाद सबसे निचला स्तर है। रिलायंस इंडस्ट्रीज जो जामनगर में दुनिया का सबसे बड़ा रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स संचालित करती है, ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि वह एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के लिए अल्काइलेट उत्पादन और एक्सपोर्ट कम कर रही है। कैलिफोर्निया में पेट्रोल प्राइस पहले ही कई वर्ष के पीक लेवल पर पहुंच चुकी हैं। आंकड़ों के अनुसार, राज्य में रिटेल पेट्रोल प्राइस इस महीने बढक़र 6.16 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई जो आमतौर पर 4 डॉलर से कम रहती है। गर्मियों में डिमांड बढऩे के साथ इसमें और तेजी आ सकती है। एनेलिस्ट्स के अनुसार अल्काइलेट की सप्लाई की कमी जितनी अधिक गंभीर होगी, कैलिफोर्निया में पेट्रोल प्राइस पर उतना ही ज्यादा दबाव पड़ेगा।


Label

PREMIUM

CONNECT WITH US

X
Login
X

Login

X

Click here to make payment and subscribe
X

Please subscribe to view this section.

X

Please become paid subscriber to read complete news