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Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi

05-06-2026

वित्त वर्ष 2026 में टायर एक्सपोर्ट रिकॉर्ड 27,312 करोड़ रुपये पर

  •  भारत का टायर एक्सपोर्ट वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 27,312 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जिसमें अमेरिका सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य बनकर उभरा है। एटीएमए ने बुधवार को वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों का हवाला देते हुए यह जानकारी दी। वित्त वर्ष 2024-25 में टायर का निर्यात 25,057 करोड़ रुपये था, जिसकी तुलना में इस वर्ष नौ प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वाहन टायर विनिर्माता संघ (एटीएमए) के चेयरमैन अरुण मैमन ने कहा, ‘‘वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान, बढ़ी हुई लॉजिस्टिक लागत और प्रमुख बाजारों में व्यापार संबंधी अनिश्चितताओं के बावजूद निर्यात का प्रदर्शन मजबूत रहा है।’’वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान, अमेरिका भारतीय टायर के लिए सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य बना रहा, जिसका मूल्य कुल निर्यात का 15 प्रतिशत यानी 4,082 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, अमेरिकी बाजार की हिस्सेदारी पिछले वर्ष के 17 प्रतिशत से घट गई। यह कमी अगस्त, 2025 में अमेरिकी प्रशासन द्वारा भारतीय टायर पर आयात शुल्क 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किए जाने के बाद आई। एटीएमए ने कहा, ‘‘शुल्क में वृद्धि के कारण भारतीय टायर निर्यात को उन कई प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले नुकसान हुआ, जिन्हें कम शुल्क का लाभ मिलता रहा। इसके परिणामस्वरूप, फरवरी 2026 में, अमेरिका ने अधिकतर भारतीय वस्तुओं पर शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया, जिससे निर्यातकों को राहत मिली।’’

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वित्त वर्ष 2026 में टायर एक्सपोर्ट रिकॉर्ड 27,312 करोड़ रुपये पर

 भारत का टायर एक्सपोर्ट वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 27,312 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जिसमें अमेरिका सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य बनकर उभरा है। एटीएमए ने बुधवार को वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों का हवाला देते हुए यह जानकारी दी। वित्त वर्ष 2024-25 में टायर का निर्यात 25,057 करोड़ रुपये था, जिसकी तुलना में इस वर्ष नौ प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वाहन टायर विनिर्माता संघ (एटीएमए) के चेयरमैन अरुण मैमन ने कहा, ‘‘वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में व्यवधान, बढ़ी हुई लॉजिस्टिक लागत और प्रमुख बाजारों में व्यापार संबंधी अनिश्चितताओं के बावजूद निर्यात का प्रदर्शन मजबूत रहा है।’’वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान, अमेरिका भारतीय टायर के लिए सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य बना रहा, जिसका मूल्य कुल निर्यात का 15 प्रतिशत यानी 4,082 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, अमेरिकी बाजार की हिस्सेदारी पिछले वर्ष के 17 प्रतिशत से घट गई। यह कमी अगस्त, 2025 में अमेरिकी प्रशासन द्वारा भारतीय टायर पर आयात शुल्क 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत किए जाने के बाद आई। एटीएमए ने कहा, ‘‘शुल्क में वृद्धि के कारण भारतीय टायर निर्यात को उन कई प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले नुकसान हुआ, जिन्हें कम शुल्क का लाभ मिलता रहा। इसके परिणामस्वरूप, फरवरी 2026 में, अमेरिका ने अधिकतर भारतीय वस्तुओं पर शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया, जिससे निर्यातकों को राहत मिली।’’


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