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Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi

06-06-2026

AI को लेकर आशंका निराधार, उद्योग इसका लाभ उठाएं

  •  सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सचिव एस. कृष्णन ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) को लेकर जताई जा रही चिंताओं को खारिज करते हुए उद्योगों से इस अवसर का लाभ उठाने तथा आर्थिक वृद्धि एवं लोगों के जीवन में सुधार लाने के लिए विनिर्माण, कृषि, स्वास्थ्य सेवा तथा शिक्षा जैसे क्षेत्रों में इस प्रौद्योगिकी का व्यापक उपयोग करने का आह्वान किया। ष्णन ने आईटी और आईटी-आधारित सेवा (आईटीईएस) क्षेत्र पर एआई के संभावित विघटनकारी प्रभाव को लेकर उठ रही आशंकाओं का परोक्ष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि डरने की कोई बात नहीं है और भारत को इस प्रौद्योगिकी को अपनाना चाहिए। ‘सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ़ इंडिया’ (एसटीपीआई) के 35वें स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी प्रौद्योगिकी है जिसे हमें अपनाना होगा। यह प्रौद्योगिकी की एक ऐसी लहर है जिसके साथ हमें आगे बढऩा होगा। कृष्णन ने कहा कि सरकार स्टार्टअप और कंपनियों को स्वदेशी समाधान विकसित करने तथा उन्हें लागू करने में सक्षम बनाने के लिए कंप्यूट पावर, फ़ाउंडेशनल मॉडल और डेटा समेत आवश्यक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने को लेकर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के तौर पर हमारा काम यह पक्का करना है कि कंपनियों और स्टार्टअप इकाइयों को एआई की लहर का सामना करने के लिए ज़रूरी बुनियादी ढांचा मिले, फिर चाहे वह कंप्यूट हो, मॉडल हों या डेटा।

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AI को लेकर आशंका निराधार, उद्योग इसका लाभ उठाएं

 सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सचिव एस. कृष्णन ने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) को लेकर जताई जा रही चिंताओं को खारिज करते हुए उद्योगों से इस अवसर का लाभ उठाने तथा आर्थिक वृद्धि एवं लोगों के जीवन में सुधार लाने के लिए विनिर्माण, कृषि, स्वास्थ्य सेवा तथा शिक्षा जैसे क्षेत्रों में इस प्रौद्योगिकी का व्यापक उपयोग करने का आह्वान किया। ष्णन ने आईटी और आईटी-आधारित सेवा (आईटीईएस) क्षेत्र पर एआई के संभावित विघटनकारी प्रभाव को लेकर उठ रही आशंकाओं का परोक्ष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि डरने की कोई बात नहीं है और भारत को इस प्रौद्योगिकी को अपनाना चाहिए। ‘सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ़ इंडिया’ (एसटीपीआई) के 35वें स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी प्रौद्योगिकी है जिसे हमें अपनाना होगा। यह प्रौद्योगिकी की एक ऐसी लहर है जिसके साथ हमें आगे बढऩा होगा। कृष्णन ने कहा कि सरकार स्टार्टअप और कंपनियों को स्वदेशी समाधान विकसित करने तथा उन्हें लागू करने में सक्षम बनाने के लिए कंप्यूट पावर, फ़ाउंडेशनल मॉडल और डेटा समेत आवश्यक बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने को लेकर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के तौर पर हमारा काम यह पक्का करना है कि कंपनियों और स्टार्टअप इकाइयों को एआई की लहर का सामना करने के लिए ज़रूरी बुनियादी ढांचा मिले, फिर चाहे वह कंप्यूट हो, मॉडल हों या डेटा।


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