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10-05-2025

इंडिया आईटी सेक्टर में अप्रैल में 16 प्रतिशत बढ़ी हायरिंग

  •  भारत के आईटी सेक्टर में अप्रैल, 2025 में हायरिंग में एन्यूअल लेवल पर 16 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली है। यह जानकारी एक नई रिपोर्ट में दी गई। जॉब्स प्लेटफॉर्म फाउंडइट (पूर्व मॉन्स्टर) की रिपोर्ट में बताया गया कि इस वृद्धि की वजह ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) का मजबूत विस्तार होना है। भारत में जीसीसी से 2024-25 में 1,10,000 से ज्यादा नई टेक नौकरियां पैदा हुई हैं।  हालांकि, मासिक आधार पर अप्रैल में हायरिंग में 11 प्रतिशत की कमी देखने को मिली है। रिपोर्ट में इस गिरावट को आंशिक ट्रेंड बताया गया है और लंबी अवधि में भर्तियों का पारिदृश्य अभी भी सकारात्मक बना हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सपीरियंस्ड ,स्पेशियलाइज्ड एवं फ्यूचर-रेडी स्किल की मांग में बढ़ोतरी देखी जा रही है। साथ ही कंपनियां अब स्किल को अधिक प्राथमिकता दे रही है। फाउंडिट के सीईओ वी सुरेश के अनुसार, यह क्षेत्र रणनीतिक विकास के एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। देश क्वांटिटी-आधारित भर्तियों से स्किल-आधारित, इनोवेशन-आधारित रोजगार की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन साइंस और इनोवेशन में वैश्विक नेतृत्व के लिए अपने युवाओं को सशक्त बनाने के भारत के व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है। सुरेश ने कहा कि टीयर-2 शहर डिजिटल अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदानकर्ता बन रहे हैं। जीसीसी विशेष रूप से डेटा इंजीनियरिंग, डेवऑप्स और एंटरप्राइज आर्किटेक्चर जैसे क्षेत्रों में इस बदलाव के लिए केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि डिग्री की तुलना में 62 प्रतिशत कंपनियां स्किल को प्राथमिकता दे रही हैं। विशेष स्किल रखने वाले कर्मचारियों को अच्छा सैलरी पैकेज भी मिल रहा है। एंट्री-लेवल के एआई जॉब के लिए औसत पैकेज 7.2 लाख रुपए प्रतिवर्ष का है। वहीं, अनुभवी एआई पेशेवर के लिए सैलरी पैकेज 76.4 लाख रुपए का है।  साइबरसिक्योरिटी सबसे अच्छी स्किल है। इसका उच्चतम सैलरी पैकेज 87 लाख रुपए तक है।

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इंडिया आईटी सेक्टर में अप्रैल में 16 प्रतिशत बढ़ी हायरिंग

 भारत के आईटी सेक्टर में अप्रैल, 2025 में हायरिंग में एन्यूअल लेवल पर 16 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली है। यह जानकारी एक नई रिपोर्ट में दी गई। जॉब्स प्लेटफॉर्म फाउंडइट (पूर्व मॉन्स्टर) की रिपोर्ट में बताया गया कि इस वृद्धि की वजह ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) का मजबूत विस्तार होना है। भारत में जीसीसी से 2024-25 में 1,10,000 से ज्यादा नई टेक नौकरियां पैदा हुई हैं।  हालांकि, मासिक आधार पर अप्रैल में हायरिंग में 11 प्रतिशत की कमी देखने को मिली है। रिपोर्ट में इस गिरावट को आंशिक ट्रेंड बताया गया है और लंबी अवधि में भर्तियों का पारिदृश्य अभी भी सकारात्मक बना हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक्सपीरियंस्ड ,स्पेशियलाइज्ड एवं फ्यूचर-रेडी स्किल की मांग में बढ़ोतरी देखी जा रही है। साथ ही कंपनियां अब स्किल को अधिक प्राथमिकता दे रही है। फाउंडिट के सीईओ वी सुरेश के अनुसार, यह क्षेत्र रणनीतिक विकास के एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है। देश क्वांटिटी-आधारित भर्तियों से स्किल-आधारित, इनोवेशन-आधारित रोजगार की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन साइंस और इनोवेशन में वैश्विक नेतृत्व के लिए अपने युवाओं को सशक्त बनाने के भारत के व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है। सुरेश ने कहा कि टीयर-2 शहर डिजिटल अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदानकर्ता बन रहे हैं। जीसीसी विशेष रूप से डेटा इंजीनियरिंग, डेवऑप्स और एंटरप्राइज आर्किटेक्चर जैसे क्षेत्रों में इस बदलाव के लिए केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि डिग्री की तुलना में 62 प्रतिशत कंपनियां स्किल को प्राथमिकता दे रही हैं। विशेष स्किल रखने वाले कर्मचारियों को अच्छा सैलरी पैकेज भी मिल रहा है। एंट्री-लेवल के एआई जॉब के लिए औसत पैकेज 7.2 लाख रुपए प्रतिवर्ष का है। वहीं, अनुभवी एआई पेशेवर के लिए सैलरी पैकेज 76.4 लाख रुपए का है।  साइबरसिक्योरिटी सबसे अच्छी स्किल है। इसका उच्चतम सैलरी पैकेज 87 लाख रुपए तक है।


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