TOP

ई - पेपर Subscribe Now!

ePaper
Subscribe Now!

Download
Android Mobile App

Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi

14-05-2026

कच्चे दूध की आपूर्ति औसतन 78-80 लाख लीटर के करीब हुई

  •  गत सप्ताह अधिकतर बाजारों में शादियों के चलते थोक में कारोबारी सन्नाटा छाया रहा। कंपनियों द्वारा पूर्व में भाव बढ़ा दिए थे, लेकिन ग्राहकी कमजोर होने से बाजारों में 100 रुपए प्रति टीन सस्ता बिक रहा है। दूध पाउडर के भाव भी मजबूती लिए टिके रहे, लेकिन थोक में माल मांगने पर ज्यादा माल नहीं मिल रहा था। आगे शादियों के चलते फिर तेजी की संभावना है। आलोच्य सप्ताह उत्तर भारत के प्लांटों में कच्चे दूध की आपूर्ति औसतन 78-80 लाख लीटर के करीब हुई, जो पहले की अपेक्षा 23-25 लाख लीटर घट गई है। वास्तविकता यह है कि एक तरफ शादियों की खपत एवं दूसरी ओर ऑफसीजन के चलते प्लांटों को लिक्विड दूध खरीदने में काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन बाजारों में देसी घी एवं दूध पाउडर की बिक्री में भारी कमी होने से कंपनियों की अपेक्षा मंदे भाव में व्यापार देखा गया। कंपनियों में प्रीमियम क्वालिटी के देसी घी 9400/9600 रुपए प्रति टीन के बीच कोड किए गए, जबकि बाजारों में वही माल 9200/9500 रुपए प्रति टीन प्रीमियम क्वालिटी के रह गए। नीचे वाले सेंपल पास माल भी 8000/8250 रुपए बोले गए, जबकि इन भाव में भी कोई विशेष व्यापार नहीं हुआ। बाजारों में ग्राहकी का सन्नाटा चलने से देसी घी एवं दूध पाउडर के भाव टिके हुए हैं, जबकि कंपनियों को दूध के भाव 60 रुपए प्रति लीटर में खरीद करना पड़ा तथा उसमें भी पहले की अपेक्षा लिक्विड दूध कम कलेक्शन हो पाया, इन सारी परिस्थितियों को देखते हुए मई के महीने में देसी घी एवं दूध पाउडर के भाव फिर बढऩे के आसार बन गए हैं। हम मानते हैं कि रिटेल काउंटरों पर बिक्री घटी है, लेकिन कंपनियों से ऑनलाइन वाले एवं वितरक मंडियों के हाजिर व्यापार करने वाले लगातार खरीद रहे हैं, जिससे कंपनियों में अकड़ बनी हुई है। दूध पाउडर भी 310/318 रुपए प्रति किलो के बीच चल रहे हैं तथा इसमें भी खपत को देखते हुए मंदा नहीं लग रहा है।

Share
कच्चे दूध की आपूर्ति औसतन 78-80 लाख लीटर के करीब हुई

 गत सप्ताह अधिकतर बाजारों में शादियों के चलते थोक में कारोबारी सन्नाटा छाया रहा। कंपनियों द्वारा पूर्व में भाव बढ़ा दिए थे, लेकिन ग्राहकी कमजोर होने से बाजारों में 100 रुपए प्रति टीन सस्ता बिक रहा है। दूध पाउडर के भाव भी मजबूती लिए टिके रहे, लेकिन थोक में माल मांगने पर ज्यादा माल नहीं मिल रहा था। आगे शादियों के चलते फिर तेजी की संभावना है। आलोच्य सप्ताह उत्तर भारत के प्लांटों में कच्चे दूध की आपूर्ति औसतन 78-80 लाख लीटर के करीब हुई, जो पहले की अपेक्षा 23-25 लाख लीटर घट गई है। वास्तविकता यह है कि एक तरफ शादियों की खपत एवं दूसरी ओर ऑफसीजन के चलते प्लांटों को लिक्विड दूध खरीदने में काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन बाजारों में देसी घी एवं दूध पाउडर की बिक्री में भारी कमी होने से कंपनियों की अपेक्षा मंदे भाव में व्यापार देखा गया। कंपनियों में प्रीमियम क्वालिटी के देसी घी 9400/9600 रुपए प्रति टीन के बीच कोड किए गए, जबकि बाजारों में वही माल 9200/9500 रुपए प्रति टीन प्रीमियम क्वालिटी के रह गए। नीचे वाले सेंपल पास माल भी 8000/8250 रुपए बोले गए, जबकि इन भाव में भी कोई विशेष व्यापार नहीं हुआ। बाजारों में ग्राहकी का सन्नाटा चलने से देसी घी एवं दूध पाउडर के भाव टिके हुए हैं, जबकि कंपनियों को दूध के भाव 60 रुपए प्रति लीटर में खरीद करना पड़ा तथा उसमें भी पहले की अपेक्षा लिक्विड दूध कम कलेक्शन हो पाया, इन सारी परिस्थितियों को देखते हुए मई के महीने में देसी घी एवं दूध पाउडर के भाव फिर बढऩे के आसार बन गए हैं। हम मानते हैं कि रिटेल काउंटरों पर बिक्री घटी है, लेकिन कंपनियों से ऑनलाइन वाले एवं वितरक मंडियों के हाजिर व्यापार करने वाले लगातार खरीद रहे हैं, जिससे कंपनियों में अकड़ बनी हुई है। दूध पाउडर भी 310/318 रुपए प्रति किलो के बीच चल रहे हैं तथा इसमें भी खपत को देखते हुए मंदा नहीं लग रहा है।


Label

PREMIUM

CONNECT WITH US

X
Login
X

Login

X

Click here to make payment and subscribe
X

Please subscribe to view this section.

X

Please become paid subscriber to read complete news