अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई चांदी की कीमतों में तेजी का रुख होने एवं ग्राहकी निकलने के कारण चांदी के भाव 21500 रुपए प्रति किलो बढ़ गए। भविष्य मे भी इसमें गिरावट की संभावना कम है। एक माह के अंतराल में अमेरिका ईरान व इजराइल में संघर्ष जारी रहने के कारण अंतरराष्ट्रीय निवेशकों की लिवाली से चांदी के भाव 625 सेंट बढ?र 8025 सेंट प्रति औंस हो गए। विदेशों में आई तेजी के कारण बिकवाली घटने से चांदी हाजिर 21500 रुपए बढकर 265000 रुपए प्रति किलो हो गई। उल्लेखनीय है कि जनवरी अंत में विदेशों में चांदी के भाव 12100 सेंट प्रति औंस की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच जाने के कारण चांदी हाजिर 420000 रुपए प्रति किलो के ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंच कर तेजी का नया रिकॉर्ड बना दिया। चांदी में तेजी का रुख होने एवं मांग निकलने से चांदी सिक्के के भाव 2700/2800 से बढ?र 2900/3000 रुपए प्रति नग हो गए। निवेशकों की लिवाली बढऩे से विदेश व घरेलू बाजार में चांदी के सर्व कालीन शिखर पर पहुंच कर तेजी का नया इतिहास रच दिया था। इसका प्रमुख कारण अमेरिका द्वारा चांदी को क्रिटिकल मिनरल की श्रेणी में लिए जाने तथा विश्व में चांदी के स्टॉक में कमी आने की संभावना व्यक्त की जाने लगी जिसके चलते भी तेजी को बल मिला था मुंबई सर्राफा बाजार में भी चांदी के भाव इसी अनुपात में बढ़ कर 257800 रुपए प्रति किलो हो गई। कोलकाता में भी इसी अनुपात में बढ?र चांदी हाजिर के भाव 257000 रुपए प्रति किलो हो गई। उक्त अवधि के दौरान विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की तुलना में रुपए की कीमतों में मामूली सुधार का रुख रहा। हालांकि अमेरिकन सुप्रीम कोर्ट द्वारा टैरिफ को रद्द कर दिए जाने के बाद अमेरिका द्वारा भारत पर 15' टैरिफ लगा दी गई है। सोने में आई भारी तेजी के कारण भविष्य में आभूषण निर्माताओं की मांग बढऩे की संभावना है। इसके अलावा सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक, इलेक्ट्रॉनिक वाहन उद्योग में चांदी की खपत पहले की तुलना में बढ़ गई है। वर्तमान हालात को देखते हुए इसमें विशेष घट बढ़ की संभावना कम है। बाजार सीमित दायरे में घूमता रह सकता है।