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16-06-2026

पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद से बाजार में दूसरे दिन भी तेजी

  •  अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर सहमति बनने से कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आने और वैश्विक बाजारों में तेजी के बीच घरेलू शेयर बाजार सोमवार को लगातार दूसरे सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 736 अंक चढ़ गया जबकि निफ्टी में 231 अंक की तेजी रही। बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 736.38 अंक यानी 0.97 प्रतिशत चढक़र 76,264.33 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,293.12 अंक यानी 1.71 प्रतिशत चढक़र 76,821.07 अंक तक पहुंच गया था। इसी तरह, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 231 अंक यानी 0.98 प्रतिशत बढक़र 23,853.90 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 388.5 अंक यानी 1.64 प्रतिशत चढक़र 24,011.40 अंक तक चला गया था। यह घरेलू शेयर बाजार में बड़ी तेजी का लगातार दूसरा सत्र रहा। पिछले सत्र में शुक्रवार को भी सेंसेक्स 1,695 अंक चढ़ा था और निफ्टी 461 अंक के लाभ में रहा था।  विश्लेषकों के मुताबिक, अमेरिका एवं ईरान के बीच 107 दिन तक चला संघर्ष खत्म करने के लिए समझौता होने की घोषणा से वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर दबाव कम हुआ है। इस समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर सहमति बनी है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब पांच प्रतिशत लुढक़कर लगभग 82.90 डॉलर प्रति बैरल रह गई। यह कच्चे तेल के तीन महीने के निचले स्तर के आसपास है। सेंसेक्स की कंपनियों में ट्रेंट, इंटरग्लोब एविएशन, बजाज फिनसर्व, अल्ट्राटेक सीमेंट, इटर्नल और मारुति के शेयर प्रमुख रूप से लाभ में रहे। दूसरी तरफ एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट्स और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर नुकसान के साथ बंद हुए। एक्सिस डायरेक्ट के शोध प्रमुख राजेश पालविया ने कहा, ‘‘अमेरिका-ईरान शांति समझौते से भू-राजनीतिक तनाव कम हुआ है जो वैश्विक जोखिम वाली परिसंपत्तियों के लिए सकारात्मक है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए राहत देने वाली है क्योंकि इससे मुद्रास्फीति दबाव कम होगा और व्यापक आर्थिक स्थिरता को समर्थन मिलेगा।’’ शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 1,082.18 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की थी। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी पांच प्रतिशत से अधिक चढ़ा, जबकि जापान का निक्की भी करीब पांच प्रतिशत मजबूत हुआ। चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग भी बढ़त में बंद हुए।  यूरोपीय बाजार दोपहर के सत्र में तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे पिछले सत्र में सेंसेक्स 1,695.40 अंक चढक़र 75,527.95 अंक और निफ्टी 461.30 अंक बढक़र 23,622.90 अंक पर बंद हुआ था।

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पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद से बाजार में दूसरे दिन भी तेजी

 अमेरिका-ईरान शांति समझौते पर सहमति बनने से कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आने और वैश्विक बाजारों में तेजी के बीच घरेलू शेयर बाजार सोमवार को लगातार दूसरे सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 736 अंक चढ़ गया जबकि निफ्टी में 231 अंक की तेजी रही। बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 736.38 अंक यानी 0.97 प्रतिशत चढक़र 76,264.33 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,293.12 अंक यानी 1.71 प्रतिशत चढक़र 76,821.07 अंक तक पहुंच गया था। इसी तरह, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 231 अंक यानी 0.98 प्रतिशत बढक़र 23,853.90 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 388.5 अंक यानी 1.64 प्रतिशत चढक़र 24,011.40 अंक तक चला गया था। यह घरेलू शेयर बाजार में बड़ी तेजी का लगातार दूसरा सत्र रहा। पिछले सत्र में शुक्रवार को भी सेंसेक्स 1,695 अंक चढ़ा था और निफ्टी 461 अंक के लाभ में रहा था।  विश्लेषकों के मुताबिक, अमेरिका एवं ईरान के बीच 107 दिन तक चला संघर्ष खत्म करने के लिए समझौता होने की घोषणा से वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर दबाव कम हुआ है। इस समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर सहमति बनी है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब पांच प्रतिशत लुढक़कर लगभग 82.90 डॉलर प्रति बैरल रह गई। यह कच्चे तेल के तीन महीने के निचले स्तर के आसपास है। सेंसेक्स की कंपनियों में ट्रेंट, इंटरग्लोब एविएशन, बजाज फिनसर्व, अल्ट्राटेक सीमेंट, इटर्नल और मारुति के शेयर प्रमुख रूप से लाभ में रहे। दूसरी तरफ एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, एशियन पेंट्स और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयर नुकसान के साथ बंद हुए। एक्सिस डायरेक्ट के शोध प्रमुख राजेश पालविया ने कहा, ‘‘अमेरिका-ईरान शांति समझौते से भू-राजनीतिक तनाव कम हुआ है जो वैश्विक जोखिम वाली परिसंपत्तियों के लिए सकारात्मक है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारत जैसे आयात-निर्भर देश के लिए राहत देने वाली है क्योंकि इससे मुद्रास्फीति दबाव कम होगा और व्यापक आर्थिक स्थिरता को समर्थन मिलेगा।’’ शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 1,082.18 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की थी। एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी पांच प्रतिशत से अधिक चढ़ा, जबकि जापान का निक्की भी करीब पांच प्रतिशत मजबूत हुआ। चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग भी बढ़त में बंद हुए।  यूरोपीय बाजार दोपहर के सत्र में तेजी के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे पिछले सत्र में सेंसेक्स 1,695.40 अंक चढक़र 75,527.95 अंक और निफ्टी 461.30 अंक बढक़र 23,622.90 अंक पर बंद हुआ था।


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