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29-05-2026

मुकेश अंबानी ने लगातार छठे साल नहीं लिया कोई वेतन

  •  एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी ने लगातार छठे वर्ष अपनी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) से कोई वेतन नहीं लिया है। उनके लिए लाभांश ही कमाई का मुख्य जरिया बना हुआ है। कंपनी की नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 69 वर्षीय अंबानी ने वित्त वर्ष 2025-26 में वेतन, भत्ते, सुविधाओं और सेवानिवृत्ति लाभ के रूप में कोई राशि नहीं ली। अंबानी ने वित्त वर्ष 2008-09 से 2019-20 तक अपने वार्षिक पारिश्रमिक को 15 करोड़ रुपये पर सीमित रखा था। इसके बाद वित्त वर्ष 2020-21 से उन्होंने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर स्वेच्छा से अपना वेतन छोड़ दिया था। उन्होंने तब यह निर्णय लिया था कि जब तक कंपनी और उसके सभी व्यवसाय अपनी पूर्ण कमाई क्षमता पर वापस नहीं आ जाते, वह वेतन नहीं लेंगे। उन्होंने पूरी तरह स्वैच्छिक रूप से अपने इस फैसले को वित्त वर्ष 2021-22, 2022-23, 2023-24, 2024-25 और अब 2025-26 में भी जारी रखा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2025-26 में 95,754 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे ज्यादा मुनाफा कमाया और कंपनी का बाजार मूल्य 18.19 लाख करोड़ रुपये रहा। करीब 100 अरब डॉलर के नेटवर्थ के साथ दुनिया के 21वें सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी की कमाई का मुख्य स्रोत लाभांश आय है। रिलायंस में उनकी सीधे तौर पर 1.61 करोड़ शेयर की हिस्सेदारी है, जिससे उन्हें वित्त वर्ष 2024-25 के लिए घोषित छह रुपये प्रति शेयर के लाभांश के आधार पर 9.66 करोड़ रुपये की लाभांश आय हुई। अंबानी के चचेरे भाई निखिल और हितल मेसवानी का पारिश्रमिक 25-25 करोड़ रुपये पर स्थिर रहा। इसमें वेतन, भत्ते, सेवानिवृत्ति लाभ और मुनाफे पर कमीशन शामिल है। कार्यकारी निदेशक पी एम एस प्रसाद का पारिश्रमिक वित्त वर्ष 2025-26 में बढक़र 20.58 करोड़ रुपये हो गया, जो 2024-25 में 19.96 करोड़ रुपये था। अंबानी के तीनों बच्चों ईशा, आकाश और अनंत को अक्टूबर, 2023 में निदेशक मंडल में शामिल किया गया था। हालांकि, इसके लिए उन्हें कोई वेतन नहीं मिला। उन्हें केवल बैठक शुल्क और मुनाफे पर कमीशन मिला। आकाश और ईशा को पांच-पांच लाख रुपये बैठक शुल्क और 2.5-2.5 करोड़ रुपये कमीशन मिला। अंबानी 1977 से रिलायंस के निदेशक मंडल में हैं। जुलाई, 2002 में समूह संस्थापक धीरूभाई अंबानी के निधन के बाद उन्हें कंपनी का चेयरमैन बनाया गया था। वर्ष 2023 में उन्हें अप्रैल, 2029 तक पांच साल के लिए फिर से रिलायंस का प्रमुख नियुक्त किया गया। इस दौरान भी उन्होंने वेतन नहीं लेने का फैसला किया है।

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मुकेश अंबानी ने लगातार छठे साल नहीं लिया कोई वेतन

 एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी ने लगातार छठे वर्ष अपनी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) से कोई वेतन नहीं लिया है। उनके लिए लाभांश ही कमाई का मुख्य जरिया बना हुआ है। कंपनी की नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, 69 वर्षीय अंबानी ने वित्त वर्ष 2025-26 में वेतन, भत्ते, सुविधाओं और सेवानिवृत्ति लाभ के रूप में कोई राशि नहीं ली। अंबानी ने वित्त वर्ष 2008-09 से 2019-20 तक अपने वार्षिक पारिश्रमिक को 15 करोड़ रुपये पर सीमित रखा था। इसके बाद वित्त वर्ष 2020-21 से उन्होंने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर स्वेच्छा से अपना वेतन छोड़ दिया था। उन्होंने तब यह निर्णय लिया था कि जब तक कंपनी और उसके सभी व्यवसाय अपनी पूर्ण कमाई क्षमता पर वापस नहीं आ जाते, वह वेतन नहीं लेंगे। उन्होंने पूरी तरह स्वैच्छिक रूप से अपने इस फैसले को वित्त वर्ष 2021-22, 2022-23, 2023-24, 2024-25 और अब 2025-26 में भी जारी रखा है। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2025-26 में 95,754 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे ज्यादा मुनाफा कमाया और कंपनी का बाजार मूल्य 18.19 लाख करोड़ रुपये रहा। करीब 100 अरब डॉलर के नेटवर्थ के साथ दुनिया के 21वें सबसे अमीर व्यक्ति मुकेश अंबानी की कमाई का मुख्य स्रोत लाभांश आय है। रिलायंस में उनकी सीधे तौर पर 1.61 करोड़ शेयर की हिस्सेदारी है, जिससे उन्हें वित्त वर्ष 2024-25 के लिए घोषित छह रुपये प्रति शेयर के लाभांश के आधार पर 9.66 करोड़ रुपये की लाभांश आय हुई। अंबानी के चचेरे भाई निखिल और हितल मेसवानी का पारिश्रमिक 25-25 करोड़ रुपये पर स्थिर रहा। इसमें वेतन, भत्ते, सेवानिवृत्ति लाभ और मुनाफे पर कमीशन शामिल है। कार्यकारी निदेशक पी एम एस प्रसाद का पारिश्रमिक वित्त वर्ष 2025-26 में बढक़र 20.58 करोड़ रुपये हो गया, जो 2024-25 में 19.96 करोड़ रुपये था। अंबानी के तीनों बच्चों ईशा, आकाश और अनंत को अक्टूबर, 2023 में निदेशक मंडल में शामिल किया गया था। हालांकि, इसके लिए उन्हें कोई वेतन नहीं मिला। उन्हें केवल बैठक शुल्क और मुनाफे पर कमीशन मिला। आकाश और ईशा को पांच-पांच लाख रुपये बैठक शुल्क और 2.5-2.5 करोड़ रुपये कमीशन मिला। अंबानी 1977 से रिलायंस के निदेशक मंडल में हैं। जुलाई, 2002 में समूह संस्थापक धीरूभाई अंबानी के निधन के बाद उन्हें कंपनी का चेयरमैन बनाया गया था। वर्ष 2023 में उन्हें अप्रैल, 2029 तक पांच साल के लिए फिर से रिलायंस का प्रमुख नियुक्त किया गया। इस दौरान भी उन्होंने वेतन नहीं लेने का फैसला किया है।


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