गत सप्ताह ग्राहकी निकलने से जायफल, केसर, बादामगिरी, छुहारा में तेजी दर्ज की गई। वहीं दूसरी और आपूर्ति बढऩे से बड़ी इलायची, जावित्री, हल्दी, जीरा, धनिया, राई, मगर तरबूज, मखाना, किशमिश, अखरोट में के भाव मंदे बोले गए। आलोच्य सप्ताह नया माल आने के बाद जायफल में स्टाकिस्टों की लिवाली आने से इसके भाव 20 रुपए बढक़र 770/775 रुपए प्रति किलो हो गए। ईरान में चल रहे संघर्ष और तनाव के कारण प्रमुख व्यापारिक समुद्री मार्गों पर नाकेबंदी हो गई है। इसके कारण वैश्विक बाजार में ईरानी केसर की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। जिससे इसके भाव 10/15 रुपए बढक़र 230/245 रुपए तथा कश्मीरी 250/260 रुपए हो गई। डॉलर की तुलना में रुपया कमजोर होने के कारण मेवों में आयातकों की बिकवाली कमजोर होने से बादाम कैलिफोर्निया एक सप्ताह के भीतर 1200/1300 रुपए बढक़र 24800/25200 रुपये प्रति 40 किलो तथा बादामगिरी कैलिफोर्निया के भाव भी 30/35 बढक़र 860/870 रुपये प्रति किलो हो गई। मांग बढऩे से छुहारा लाल 500 रुपए बढक़र 11000/24000 रुपए तथा रंगकाट 1000/3000 रुपए तेज होकर 14000/26000 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। वहीं दूसरी ओर असम से सस्ते माल की आवक और ग्वालियर के व्यापारियों द्वारा मुनाफावसूली बिकवाली बढ़ाने के कारण कीमतों पर दबाव आया है, इस दबाव के चलते बड़ी इलायची कैचीकट के भाव 20 रुपए गिरकर 1550/1560 रुपए प्रति किलो के निम्न स्तर पर आ गए। जावित्री लाल का नया माल 2800/2850 रुपए खुलने के बाद आवक का दबाव बढऩे से इसके भाव 300/450 रुपए गिरकर 2250/2500 रुपए नीचे आ गए। ग्राहकी का समर्थन न मिलने से हल्दी इरोड गट्टा के भाव 500 रुपए घटकर 14600/14700 रुपए प्रति क्विंटल रह गई। धनिया में भी पूरे सप्ताह ग्राहकी का सन्नाट बना रहा, जिससे बादामी माल नरम होकर 13900/14000 रुपए भाव सुना गया। चालू सीजन के दौरान जीरे की बंपर पैदावार और कमज़ोर निर्यात मांग से भावो में लगातार गिरावट आ रही है। ऊंझा मंडी में जीरे की आवक बढक़र करीब 14000/15000 बोरियों की होने की जानकारी मिल रही है, जिससे एवरेज क्वालिटी के भाव 300 रुपए घटकर 22200/22700 रुपए रह गए। नये माल के अभाव में राई भी 500 रुपए टूटकर 12500/12600 रुपए रह गई। मांग कमजोर होने से मगज तरबूज के भाव 10 रुपए घटकर 515/520 रुपए प्रति किलो के निचले स्तर पर आ गए। ग्राहकी के अभाव में मखाना भी 50/75 रुपए घटकर 750/1250 रुपए रह गया।उधर चायना का माल सस्ता बिकने से किशमिश इंडियन पीली 1500 रुपए मंदी होकर 17500/18500 रुपए रुपए प्रति 40 किलो रह गई। अखरोट भी मांग कमजोर होने से 10/20 रुपये घटकर 330/550 रुपए तथा इसकी गिरि 15/25 रुपए घटकर 750/1300 रुपये प्रति किलो निचले स्तर पर आ गई।
गुड़ में तेजी जारी-चीनी नरम : आवक कमजोर होने तथा ग्राहकी निकलने से गत सप्ताह के दौरान स्थानीय बाजार में गुड़ के भाव 100/200 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ गए। जबकि मांग घटने से चीनी की कीमतों में 50 रुपए प्रति क्विंटल की गिरावट रही। ग्राहकी का समर्थन न मिलने तथा स्टाकिस्टों की बिक वाली से से मिल डिलीवरी चीनी 50 रुपए घटकर 4075/ 4200 तथा हाजिर में इसके भाव 4375/4500 रुपए प्रति कुंतल रह गए । सरकार द्वारा सितंबर 2026 तक चीनी निर्यात पर रोक लगा दी गई है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सटोरिया लिवाली से लंदन चीनी वायदा अगस्त 432 से बढक़र 438 डॉलर प्रति टन हो गया। पश्चिमी यूपी की मंडियों से आवक कमज़ोर होने के कारण बिकवाली घटने से गुड़ 100/200 रूपए बढक़र पेड़ 4800/5000 रुपये तथा ढैया के भाव 5100/5200 रुपए प्रति प्रति कुंतल हो गए ।आपूर्ति कमजोर होने से खांडसारी के भाव 5400/5500 रुपए प्रति कुंतल पर टिकी रही। आवक घटने के कारण बिकवाली कमजोर होने एवं चलानी वालों की मांग से मुजफ्फरनगर में गुड़ चाकू 1840/1850 रूपये तथा खुरपा 1640/1650 रूपये प्रति 40 किलों पर मजबूत रहे।