अजवाइन की फसल एमपी गुजरात में इस बार बेमौसमी बरसात एवं बादल से प्रभावित हुई है। यही कारण है कि फसल को क्वालिटी एवं क्वांटिटी दोनों ही संतोषजनक नहीं है। पुराने माल औने-पौने भाव में कट चुके हैं तथा धुली अजवाइन पाकिस्तान से इस बार कम आ रही है, सीमावर्ती क्षेत्रों में सख्ती से हेरा फेरी का माल कम आ रहा है, इन परिस्थितियों में वर्तमान भाव के अजवाइन में ठहर कर अच्छी तेजी दिखाई देने लगी है। हम मानते हैं कि बाजारों में रुपए की भारी तंगी होने से रुपए की वापसी नहीं हो रही है। दूसरी ओर ईरान इजरायल अमेरिका में जबरदस्त तनाव बना हुआ है, इन परिस्थितियों में निर्यात भी अनुकूल नहीं है। इन सब के बावजूद भी उत्पादन चालू सीजन में काफी कम रह जाने से उत्पादक एवं वितरक मंडियों में अजवाइन की आपूर्ति 37-38 प्रतिशत गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में कम हो रही है तथा किसी भी उत्पादक मंडी में अजवाइन का स्टॉक ज्यादा नहीं है, जो हल्की क्वालिटी की अजवाइन थी, वह काफी निपट गई है, इन परिस्थितियों में जैसे ही ग्राहकी निकलेगी, इसमें 50 रुपए प्रति किलो की तेजी आनी कोई बड़ी बात नहीं है। अजवाइन की फसल विकाराबाद नंदूरबार जामनगर के साथ-साथ मध्य प्रदेश के जावरा नीमच रतलाम लाइन में होती है। इसकी फसल को अक्टूबर में सूखा मौसम व धूप की जरूरत होती है, जो बीते वर्ष बिल्कुल मौसम विपरीत रहा। इसकी बिजाई भी इस बार दक्षिण भारत के उत्पादक क्षेत्रों में कम हुई थी, क्योंकि पिछले दो वर्षों से अजवाइन के उत्पादकों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा है, इस वजह से अजवाइन में वर्तमान भाव पर लिवाली लाभदायक लग रही है। गौरतलब है कि नीमच रतलाम लाइन में स्टॉक काफी कट चुका है, राजस्थान के प्रतापगढ़, निंबाहेड़ा, जयपुर, मेड़ता लाइन में कुछ माल पड़ा है, लेकिन वहां भी 60 प्रतिशत कट चुके हैं है। इधर गुजरात के जामनगर नंदुरबार लाइन में फसल को 35-40 प्रतिशत तक नुकसान होने स्टॉक ज्यादा नहीं है। वर्तमान वाले भाव केवल बाजारों में रुपए की तंगी होने एवं ग्राहकी के अभाव वाले हैं। विकाराबाद लाइन में भी फसल कम बता रहे हैं। गौरतलब है कि 20-22 प्रतिशत इस बार देश के सभी उत्पादक क्षेत्रों को मिलाकर बिजाई कम हुई थी तथा औसतन 32 प्रतिशत कुल मिलाकर फसल कम होने का अंदेशा बन गया है। दूसरी ओर अजवाइन की खपत बरसात के मौसम में जबरदस्त रहती है तथा आयुर्वेदिक कंपनियां भी जयपुर दिल्ली एवं कानपुर के साथ-साथ नीमच मंडी से खरीद करने लगी है। इस वजह से यहां ग्राहकी कमजोर के बावजूद उत्पादक मंडियों से पड़ते महंगे हैं। कुछ बड़ी कंपनियां सीधे विकाराबाद लाइन से हल्की क्वालिटी के माल पहले ही खरीद चुकी है। यही कारण है कि जो यहां 120/130 रुपए प्रति किलो से नीचे नहीं मिल रहे हैं। इससे नीचे धूले माल आने बंद हो गए हैं। वहीं पर बाजार 20-25 रुपए ऊंचे हो गए हैं। एवरेज क्वालिटी का यहां अजवाइन 140/150 रुपए प्रति किलो बिक रही है तथा बढिय़ा ग्रीन माल 190/200 तक चल रहे हैं। अब इन भावों में घटने की दूर-दूर तक गुंजाइश नहीं है तथा स्टाक के माल को कुछ दिन रोक कर चलना चाहिए।