गत सप्ताह सरकार द्वारा गेहूं की खरीद लक्ष्य पार कर लिया गया, जिससे प्राइवेट मंडियों में आवक बढऩे से 10-15 रुपए प्रति क्विंटल की इसमें और गिरावट आ गई। आटा मैदा चोकर भी घट गए। इसके अलावा देसी चना राजमां चित्रा उड़द तुवर मसूर सभी दलहन एवं दालों में मंदे का दौर बना रहा। दूसरी ओर निर्यातकों की लिवाली से बारीक चावल 200/400 रुपए प्रति क्विंटल और बढ़ गए। आलोच्य सप्ताह सरकार द्वारा खरीद में अच्छी सूझबूझ के चलते लक्ष्य 345 लाख मैट्रिक टन को पार करके 350 लाख मीट्रिक टन खरीद कर लिया गया, जिसमें पंजाब अव्वल नंबर पर रहा। यही कारण है कि मिल क्वालिटी गेहूं 10/15 रुपए और घट कर 2670/2700 रुपए प्रति क्विंटल रह गए। आटा मैदा के भाव भी 5/10 रुपए प्रति 50 किलो और घट गए, जबकि सूजी में चालानी मांग सुधरने से कुछ मजबूती दर्ज की गई। मक्की बाजरे में भी नीचे भाव पर स्टॉकिस्टों एवं खपत वाले उद्योगों की मांग से 10/20 रुपए की मजबूती दर्ज की गई। इधर दलहनों में उड़द, दाल मिलों की मांग पूरी तरह ठंडी पड़ जाने तथा चेन्नई से घटाकर बिकवाली आने से 75/100 रुपए प्रति क्विंटल घटकर एस क्यू 8800 रुपए तथा एफ ए क्यू 8200 रुपए प्रति क्विंटल रह गए। देसी माल में भी 100 रुपए निकल गए। दाल छिलका एवं धोया में भी 200 रुपए की गिरावट दर्ज की गई। इधर मसूर भी उत्पादक मंडियों से पड़ते ना लगने के बावजूद ग्राहकी कमजोर होने से 50 रुपए घटकर 6775/6800 रुपए प्रति कुंतल बिल्टी में रह गई। विदेशी मसूर में भी इसी अनुपात में गिरावट दर्ज की गई। तुवर भी ग्राहकी कमजोर होने एवं सटोरियों की कटान को देखते हुए घटाकर बिकवाली आने से लेमन यहां 8175 से घटकर 7950 रुपए प्रति क्विंटल रह गई, लेकिन इन भावों में माल नहीं मिलने पुन: भाव 80 रुपए हो गए। कर्नाटक के माल में भी सौ-डेढ़ सौ रुपए की गिरावट दर्ज की गई। दली हुई दाल लेमन क्वालिटी की 113 से घटकर 110 रुपए प्रति किलो रह गई। नीचे वाली दाल 107/108 रुपए बोली गई। महाराष्ट्र कर्नाटक की दाल भी इसी अनुपात में नीचे आ गई। राजमां चित्रा इंडियन ब्राज़ील भी ग्राहकी कमजोर होने से 9500 से घटकर 9300 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। काबुली चने में भी 200 रुपए की गिरावट पर महाराष्ट्र का बिना छना माल 6400-6800 रुपए प्रति कुंतल रह गया। दूसरी ओर मूंग नई, आवक बढऩे के बावजूद बढिय़ा माल में चीन की लिवाली चलने से 200/300 रुपए बढक़र ऊपर में यूपी के प्रयागराज लाइन का नया माल 8100 बिकते सुना गया, नीचे वाले माल भी कुछ मजबूत बोले गए। इधर बासमती प्रजाति के सभी चावल में निर्यातकों की चौतरफा लिवाली चलने से 200/400 रुपए बढक़र 1509 सेला चावल 8200/8300 रुपए प्रति क्विंटल हो गया। चावल 1718 सेला भी 8400/8500 एवं 1401 स्टीम चावल 9600/9700 प्रति कुंतल हो गया। ट्रक लोड में 9400/9500 रुपए का व्यापार सुना गया। मोटे चावल भी मजबूत बोले गए।