गत सप्ताह आपूर्ति बढऩे से बड़ी इलायची, जायफल, जीरा, कलौंजी, राई, बादामगिरी, अंजीर के भाव मंदे बोले गए। वहीं दूसरी ओर ग्राहकी का समर्थन मिलने से अमचूर, धनिया, अजवाइन, सौंठ, मगज तरबूज, सिंघाड़ा, साबूदाना, मखाना, बादाम में तेजी दर्ज की गई। आलोच्य सप्ताह मांग के अभाव में बड़ी इलायची के व्यापारी और स्टॉकिस्ट घबराकर खरीदारी करने के बजाय फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं, जिसका असर थोक कीमतों पर दबाव के रूप में देखा जा रहा है। कैचीकट के भाव 20 रुपए घटकर 1530/1540 रुपए प्रति किलो रह गए। जायफल नया माल आने से 15/20 रुपए मंदा होकर 725/730 रुपए बोला गया। एर्नाकुलम लाइन से नई जावित्री की आपूर्ति बाजार में आ रही है, जिससे थोक कीमतों पर दबाव के चलते जावित्री लाल के भाव 2000/2400 रुपए बोल रहे है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग कमजोर रहने और प्रतिस्पर्धा बढऩे से भारत से जीरे के निर्यात में लगभग 15 प्रतिशत की गिरावट आई है। चीन जैसे देशों में खुद का उत्पादन बेहतर होने के कारण वहां से भारतीय जीरे की मांग काफी कम हो गई है, जिससे दिल्ली मंडियो में एवरेज क्वालिटी के भाव 500 रुपए गिरकर 21500/21800 रुपए प्रति क्विंटल रह गए। कलौंजी भी नये माल के दबाव में 500 रुपए घटकर 19500/20500 रुपए बोला गया। उधर पाम तेल, सोयाबीन तेल जैसे अन्य खाद्य तेलों के अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजारों में नरमी देखी जा रही है, जिससे राई के भाव भी 500 रुपए गिरकर 12000/12200 रुपए रह गए। ऊंचे भाव पर ग्राहकी कमजोर होने से बादाम कैलीफोर्निया 500 रुपए घटकर 24000/25000 रुपए तथा गुरबंदी बादाम 26000/27000 रुपए प्रति 40 किलो रह गया। उठाव न होने से बादामगिरी कैलीफोर्निया भी 10/20 रुपए घटकर 850/900 रुपए प्रति किलो रह गई
मांग कमजोर होने से अंजीर भी 1000 रुपए गिरकर 25000/27000 रुपए प्रति 40 किलो बोली गई। वहीं दूसरी ओर ग्राहकी का समर्थन मिलने से आमचूर के भाव 500 रुपए बढक़र 8500/10000 रुपए प्रति क्विंटल हो गए। बाजार में आपूर्ति कम होने की आशंका के चलते सटोरियों और स्टॉकिस्टों ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली है, जिसके चलते मंडियों में धनिया बादामी के भाव 200 रुपए मजबूत होकर 14100/14200 रुपए हो गए। अजवाइन का पुराना स्टॉक मंडियो कम बचा हुआ है। और उत्पादक मंडियों में पर्याप्त स्टॉक मौजूद नहीं है, जिससे कीमतों को समर्थन मिल रहा है। मध्य प्रदेश और गुजरात जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में बेमौसम बारिश और खराब मौसम के कारण अजवाइन की फसल प्रभावित होने की खबर आ रही है। दिल्ली मंडियो में जावरा के भाव 1000 रुपए उछलकर 14500/16000 रुपए हो गए। कच्ची अदरक की थोक कीमतें काफी ऊंची बनी हुई हैं, जिससे सौंठ को सीधा समर्थन मिल रहा है। यहां पर एवरेज क्वालिटी के भाव 500 रुपए तेज होकर 30000/30500 रुपए प्रति क्विंटल जा पहुंचे। मगज तरबूज इस सप्ताह के मध्य में 40 रुपए टूटने से 460/465 रुपए रह गया था। बाज़ार में उपलब्ध स्टॉक का बड़ा हिस्सा अब मजबूत हाथों और सटोरियों के पास चला गया है। वे अपने हिसाब से मांग और आपूर्ति के अंतर का फायदा उठाकर कीमतों को नियंत्रित कर रहे है। साप्ताहिक अंत में इसके भाव सट्टेबाजी से 60/70 रुपए उछलकर 525/530 रुपए प्रति किलो के उच्च स्तर पर पहुंच गए। मांग निकलने से सिंघाड़ा भी 5 रुपए बढक़र 170/175 रुपए प्रति किलो हो गया। उधर माल की शॉर्टेज होने तथा उत्पादक मंडियो में ऊंचे भाव होने से साबूदाना की कीमत 600/800 रुपए तेज होकर 6200/6500 रुपए प्रति क्विंटल जा पहुंची। मखाना में भी घटे भावों पर मांग निकलने से इसके भाव 50 रुपए बढक़र 725/1225 रुपए प्रति किलो हो गए।