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Daily Business Newspaper | A Knowledge Powerhouse in Hindi

06-06-2026

ग्राहकी के अभाव में राजमां चित्रा मंदा, किंतु नए माल से पहले 10 रुपए की तेजी संभव

  •  राजमां चित्रा का सीजन ऑफ हो चुका है, लेकिन ग्राहकी की भारी कमी होने से बाजार चार-पांच रुपए प्रति किलो घट गया है, उत्पादक मंडियों में आवक नहीं होने तथा विदेशों के तेज समाचार से इन भावों में अब और घटने की गुंजाइश नहीं है तथा नया माल आने से पहले ग्राहकी निकलते ही कम से कम 10 रुपए प्रति किलो की तेजी आने की संभावना दिखाई दे रही है। राजमां चित्रा की घरेलू फसल पुणे सतारा लाइन की सितंबर-अक्टूबर में एवं बीड बारसी लाइन में दिसंबर-जनवरी में आकर मंडियों में जा चुकी है। इस बार राजमां चित्रा की फसल सितंबर एवं दिसंबर दोनों ही समय वाली बढिय़ा रही है, जिससे इंडियन ब्राज़ील नीचे में दिल्ली 84/85 रुपए तथा बीड बारसी लाइन में 80/81 रुपए प्रति किलो बिकने के बाद बाजार ऊपर हो गया है। पिछले एक पखवाड़े में बारसी बीड लाइन का इंडियन ब्राज़ील राजमां चित्रा 98/99 रुपए प्रति किलो ऊपर में बिक गया था, उसके भाव घटकर 93/94 रुपए रह गए हैं तथा नीचे वाले माल 90 रुपए भी बोल रहे हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि बाजारों में ग्राहकी का भारी सन्नाटा बना हुआ है तथा रुपए की भी तंगी चल रही है, जिससे कारोबारी घटाकर बेचू आ गए हैं। गौरतलब है कि महाराष्ट्र के बीड लाइन की फसल का उत्पादन 6 लाख बोरी के करीब हुआ था, जो पूर्व अनुमान 8 लाख बोरी का लगाया गया था। जबकि गत वर्ष की अपेक्षा डेढ़ 2 लाख बोरी अधिक आया है, जिस कारण बाजार नीचे भाव में देख आया है, लेकिन चीन ब्राजील सहित अन्य देशों में इस बार फसल ज्यादा नहीं है, जिस कारण वहां भाव ऊंचे चल रहे हैं। चीन से आज की तारीख में क्वालिटी अनुसार राजमां चित्रा 1000-1080 डॉलर प्रति टन के बीच भाव बोल रहे, जिससे उन मालों के पड़ते अभी घरेलू बाजारों में नहीं लग रहा हैं। हम मानते हैं कि राजमां चित्रा का इंडियन ब्राजील माल एवं भूटानी वरुण प्रचुर मात्रा में कोल्ड स्टोर में पड़ा हुआ है, लेकिन उत्पादक मंडियों में माल का आना पूरी तरह समाप्त हो गया है तथा चीन के कोई विशेष सौदे नहीं हुए हैं, जो पहले के उतरे थे, वह भी हल्का बता रहे हैं। यही कारण है कि इंडियन ब्राजील का ही व्यापार इस बार पिछले 6 महीने से 70 प्रतिशत अधिक हो रहा है। पुणे सतारा वाई खटाव मायनी लाइन की फसल सितंबर में आएगी, उसकी अभी बिजाई चालू माह के अंत में हो पाएगी, क्योंकि बरसात नहीं है, इन परिस्थितियों में खपत के लिए लंबा समय बाकी है तथा चीन के माल दिल्ली में इंडियन ब्राजील की अपेक्षा कम से कम 10-12 रुपए प्रति किलो ऊपर चल रहे हैं।, इसलिए इंडियन ब्राजील ग्राहकी निकलते ही 10 रुपए प्रति किलो की तेजी लग रही है। इसके अलावा आयात महंगा होने से चाइना माल भी इसके साथ-साथ बढ़ जाएगा, क्योंकि जिन मंडियों की चीन के माल का चलन है, वहां वही जाएगा। बाकी इंडियन ब्राज़ील जो वर्तमान भाव में 90/93 रुपए प्रति किलो चल रहे हैं, इसमें भरपूर लाभ मिलने की संभावना है।

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ग्राहकी के अभाव में राजमां चित्रा मंदा, किंतु नए माल से पहले 10 रुपए की तेजी संभव

 राजमां चित्रा का सीजन ऑफ हो चुका है, लेकिन ग्राहकी की भारी कमी होने से बाजार चार-पांच रुपए प्रति किलो घट गया है, उत्पादक मंडियों में आवक नहीं होने तथा विदेशों के तेज समाचार से इन भावों में अब और घटने की गुंजाइश नहीं है तथा नया माल आने से पहले ग्राहकी निकलते ही कम से कम 10 रुपए प्रति किलो की तेजी आने की संभावना दिखाई दे रही है। राजमां चित्रा की घरेलू फसल पुणे सतारा लाइन की सितंबर-अक्टूबर में एवं बीड बारसी लाइन में दिसंबर-जनवरी में आकर मंडियों में जा चुकी है। इस बार राजमां चित्रा की फसल सितंबर एवं दिसंबर दोनों ही समय वाली बढिय़ा रही है, जिससे इंडियन ब्राज़ील नीचे में दिल्ली 84/85 रुपए तथा बीड बारसी लाइन में 80/81 रुपए प्रति किलो बिकने के बाद बाजार ऊपर हो गया है। पिछले एक पखवाड़े में बारसी बीड लाइन का इंडियन ब्राज़ील राजमां चित्रा 98/99 रुपए प्रति किलो ऊपर में बिक गया था, उसके भाव घटकर 93/94 रुपए रह गए हैं तथा नीचे वाले माल 90 रुपए भी बोल रहे हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि बाजारों में ग्राहकी का भारी सन्नाटा बना हुआ है तथा रुपए की भी तंगी चल रही है, जिससे कारोबारी घटाकर बेचू आ गए हैं। गौरतलब है कि महाराष्ट्र के बीड लाइन की फसल का उत्पादन 6 लाख बोरी के करीब हुआ था, जो पूर्व अनुमान 8 लाख बोरी का लगाया गया था। जबकि गत वर्ष की अपेक्षा डेढ़ 2 लाख बोरी अधिक आया है, जिस कारण बाजार नीचे भाव में देख आया है, लेकिन चीन ब्राजील सहित अन्य देशों में इस बार फसल ज्यादा नहीं है, जिस कारण वहां भाव ऊंचे चल रहे हैं। चीन से आज की तारीख में क्वालिटी अनुसार राजमां चित्रा 1000-1080 डॉलर प्रति टन के बीच भाव बोल रहे, जिससे उन मालों के पड़ते अभी घरेलू बाजारों में नहीं लग रहा हैं। हम मानते हैं कि राजमां चित्रा का इंडियन ब्राजील माल एवं भूटानी वरुण प्रचुर मात्रा में कोल्ड स्टोर में पड़ा हुआ है, लेकिन उत्पादक मंडियों में माल का आना पूरी तरह समाप्त हो गया है तथा चीन के कोई विशेष सौदे नहीं हुए हैं, जो पहले के उतरे थे, वह भी हल्का बता रहे हैं। यही कारण है कि इंडियन ब्राजील का ही व्यापार इस बार पिछले 6 महीने से 70 प्रतिशत अधिक हो रहा है। पुणे सतारा वाई खटाव मायनी लाइन की फसल सितंबर में आएगी, उसकी अभी बिजाई चालू माह के अंत में हो पाएगी, क्योंकि बरसात नहीं है, इन परिस्थितियों में खपत के लिए लंबा समय बाकी है तथा चीन के माल दिल्ली में इंडियन ब्राजील की अपेक्षा कम से कम 10-12 रुपए प्रति किलो ऊपर चल रहे हैं।, इसलिए इंडियन ब्राजील ग्राहकी निकलते ही 10 रुपए प्रति किलो की तेजी लग रही है। इसके अलावा आयात महंगा होने से चाइना माल भी इसके साथ-साथ बढ़ जाएगा, क्योंकि जिन मंडियों की चीन के माल का चलन है, वहां वही जाएगा। बाकी इंडियन ब्राज़ील जो वर्तमान भाव में 90/93 रुपए प्रति किलो चल रहे हैं, इसमें भरपूर लाभ मिलने की संभावना है।


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