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कारोबार और भविष्य!

  • कारोबारी व्यवस्था हमेशा भविष्य पर आधारित रहती है। भविष्य का आंकलन करके संसाधन जुटाकर कारोबारी अपनी तैयारी करता है। हर वर्ष कारोबारी अगले कुछ वर्षों के लिए अपने टारगेट का निर्धारण करता है। अब तक वर्ष दर वर्ष ग्रोथ करने वाले कारोबारी वर्तमान कारोबारी माहौल में भविष्य की दशा व दिशा तय नहीं कर पा रहे हैं। स्थिति यहां तक बिगड़ चुकी है कि अगले ...
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विचार सागर
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     ''मन की चंचलता के कारण ही जीवन में तमाम उपद्रव घटते हैं।''

    - के.आर. कमलेश
    ''हम जमीन वालों पर रहम करेंगे तो आसमान वाला हम पर रहम करेगा।''
    - सुरेश राठी
     
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     ''भगवान की भाषा में इज्जतदार कौन? जो दृष्टि मात्र से विश्व कल्याण करे।''

    - दादा भगवान
    ''आज पति को तो राम बनना नहीं है, लेकिन पत्नी में सीता को ढूंढते हैं।''
    - सुरेश राठी
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     ''मन की एकाग्रता धर्म नहीं है, मन का समाधान होना धर्म है।''

    - दादा भगवान
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     ''समान भोजन व समान वस्त्रों से नहीं, बल्कि अपनत्व तो विचारों व व्यवहार से प्रगाढ़ होता है।''

    - के.आर. कमलेश
    ''राजनीति और धर्म दो वस्तुएं हैं, जिनमें प्राय: कम ही सामंजस्य होता है।''
    - सुरेश राठी
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     ''अभिलाषा के साथ यदि प्रतिबद्धता न हो तो अभिलाषा का कोई अर्थ नहीं है।

    - के.आर. कमलेश
    ''सारी दुनिया को हम नहीं झुका सकते, हमें ही बदलना होगा।''
    - सुरेश राठी
     
Thoughts of the time
  •  He who has learned to disagree without being disagreeable has discovered the most valuable secret of a diplomat.

    - Robert Estabrook
  •  A stern discipline pervades all nature, which is a little cruel that it may be very kind.

    - Edmund Spenser
  •  The people to fear are not those who disagree with you, but those who disagree with you and are too cowardly to let you know.

     

    - Napoleon Bonaparte

  •  Many men owe the grandeur of their lives to their tremendous difficulties.

    - Charles H. Spurgeon
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    The most savage controversies are those about matters as to which there is no good evidence either way.
     
    - Bertrand Russell
राजस्थानी कहावत
आप भलौ तो जुग भलौ नींतर भलौ न कोय
आप भला तो जग भला, वरना भला न कोय
  • # सारा संसार व्यक्ति के मानस का ही प्रतिरूप है, वह खुद भला है तो दुनिया भली है।
  • # मनुष्य का अपना स्वार्थ ही सर्वोपरि दर्शन है।
-स्व. विजय दान देथा साभार : रूपायन संस्थान, बोरूंद
  • इस वर्ष आज तक की तेल खपत
    बेरल में
    28,372,112,584
  • आज की तेल खपत
    बेरल में
    60,221,589
  • U.S. Debt Clock

    Total Debt
    $ 17,512,327,857,707

    Per Capita Debt
    $ 55,046.28
  • India Debt Clock

    Total Debt
    Rs. 56,906,352,988,497

    Per Capita Debt
    Rs. 45,855
  • भारत की ताजा जनसंख्या
    1,257,854,079

    दुनिया की ताजा जनसंख्या
    7,230,429,888
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